'आदिपुरुष विवाद' पर विवेक अग्निहोत्री ने तोड़ी चुप्पी, कहा- आस्था को ठेस पहुंचाना है महा पाप
Vivek Agnihotri On Adipurush Controversy: फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। आम लोगों से लेकर सेलेब्स तक इस फिल्म पर अपनी अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने 'आदिपुरुष' विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और बताया है कि कैसे फिल्म ने किरदारों के चित्रण से लोगों की भावनाओं को आहत किया है। एक इंटरव्यू में विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि जब आस्था की बात आती है तो तर्क काम नहीं करता क्योंकि यह एक संवेदनशील मामला है।
'आदिपुरुष' के डायलॉग्स में किया गया सुधार
विवेक अग्निहोत्री ने अपने इंटरव्यू में कहा- लोगों की आस्था को हिलाने की कोशिश करना और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाना बहुत बड़ा पाप है। आदिपुरुष, जो महाकाव्य रामायण का मॉर्डन एडप्टेशन है, ने रिलीज के बाद भारी आलोचना का सामना किया है। दर्शकों से लेकर समीक्षकों तक ने फिल्म के कुछ संवादों पर संदेह व्यक्त किया था। जिन डायलॉग्स को लेकर फिल्म की आलोचना हो रही है उनमें 'मरेगा बेटे', 'बुआ का बगीचा हैं क्या' और 'जलेगी तेरे बाप की' शामिल हैं। ऑनलाइन आक्रोश और नकारात्मक समीक्षाओं के बाद आदिपुरुष के डायरेक्टर ओम राउत ने संवादों को संशोधित कर दिया है।

'आस्था के मामले में सारे लॉजिक फेल हो जाते हैं'
इंडिया.कॉम से बात करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने कहा- आस्था की जो चीजें हैं, उसमें हमें बहुत ही जिम्मेदार और संवेदनशील रहना चाहिए। आपकी क्या आस्था है, किसी की क्या आस्था है... जैसे किसी का बच्चा है और मां को पता है कि मेरा बच्चा दुनिया में सबसे सुंदर है, तो मुझे कोई हक नहीं बोलने का कि वो थोड़ा कम सुंदर है या सुंदर नहीं है। वो एक मां की आस्था और उसका प्रेम है। उन्होंने आगे कहा- प्रेम और आस्था के मामले में सारे लॉजिक फेल हो जाते हैं। उसे ठेस पहुंचाना या उसको आहत करना पाप कहलाता है।
'फिल्म को आम आदमी देखते हैं और अपनी राय देते हैं'
जब विवेक अग्निहोत्री से पूछा गया कि क्या सीबीएफसी समिति को आदिपुरुष के विभिन्न दृश्यों और संवादों पर आपत्ति नहीं थी, तो उन्होंने कहा- मैं सीबीएफसी बोर्ड का हिस्सा हूं। हम प्रमाणन के लिए फिल्म नहीं देखते हैं। फिल्म को आम आदमी और खासतौर पर महिलाएं देखती हैं। मुझे नहीं पता कि फिल्म का किस स्तर पर क्या हुआ और इसे किसने देखा। मैंने अभी तक फिल्म नहीं देखी है। इसलिए, मुझे फिल्म के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
'आस्था के मामले काफी संवेदनशील होते हैं'
विवेक अग्निहोत्री ने आगे कहा- यदि आप मेरे पिछले बयान और टिप्पणियों को देखेंगे, तो मैं आम तौर पर अन्य फिल्मों के बारे में बात नहीं करता हूं। मैं दूसरों की फिल्मों पर कभी कोई राय नहीं देता, चाहे वह अच्छी हो या बुरी। हालांकि, मैं कहूंगा कि आस्था के मामले काफी संवेदनशील होते हैं।
विवेक अग्निहोत्री के अपकमिंग प्रोजेक्ट
विवेक अग्निहोत्री जल्द ही फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' के जरिए लोगों को एंटरटेन करेंगे। इस फिल्म में नाना पाटेकर, अनुपम खेर, राइमा सेन और सप्तमी गौड़ा नजर आएंगी। इस फिल्म की प्रोड्यूसर विवेक अग्निहोत्री की पत्नी पल्लवी जोशी हैं। ये फिल्म इसी साल दशहरे के मौके पर 11 भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।












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