Vikram Birthday: जानलेवा बाइक एक्सीडेंड, पैरों की 23 सर्जरी, 3 साल तक बेड रेस्ट, कुछ ऐसी है 'विक्रम' की कहानी
Vikram Birthday: एक्टर विक्रम का एक जानलेवा एक्सीडेंट हुआ था, जिसने उनकी जिंदगी ही बर्बाद कर दी थी। इलाज के बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था कि अगर विक्रम की जान बचानी है तो उनका पैर काटना पड़ेगा।

Vikram Birthday: साउथ के फेमस एक्टर विक्रम को उनकी दमदार एक्टिंग के लिए खूब पसंद किया जाता है। विक्रम का जन्म 17 अप्रैल 1966 को हुआ था। उनका असली नाम कैनेडी जॉन विक्टर है। विक्रम के पिता के नाम जॉन विक्टर था और वह फिल्मों में सपोर्टिंग रोल करते थे। फिल्मों में हीरो बनने के लिए विक्रम के पिता घर से भाग गए थे। आज विक्रम अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। आपको बता दें कि एक वक्त ऐसा था जब एक बहुत बड़े जानलेवा एक्सीडेंट के बाद विक्रम की जिंदगी बर्बाद होने के कगार पर खड़ी थी। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह लोगों के चहेते एक्टर बन जाएंगे।
फिल्मों में आने से पहले विक्रम ने बदला था अपना नाम
विक्रम ने थिएटर किया और एक्टिंग के गुण सीखकर ही फिल्मों में जाने का फैसला किया था। विक्रम ने क्लासिकल के साथ-साथ सिनेमा की अलग-अलग डांस फॉर्म्स की भी ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद विक्रम ने नाम बदलने का फैसला किया। विक्रम ने एक बार बताया था कि उन्हें अपना नाम कैनेडी जॉन विक्टर काफी विदेशी लगता था। उन्हें पता था कि इस नाम से वह फिल्मों में न तो करियर बना पाएंगे और न ही जनता उनसे कनेक्ट कर पाएगी।

विक्रम का हुआ था खतरनाक बाइक एक्सीडेंट
एक्टर विक्रम का एक जानलेवा एक्सीडेंट हुआ था, जिसने उनकी जिंदगी ही बर्बाद कर दी थी। ये एक्सीडेंट उस दिन हुआ था जब विक्रम ने आईआईटी मद्रास में एक इंटर कॉलेज फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर का खिताब जीता था। जब विक्रम अवॉर्ड लेकर बाइक से अपने घर लौट रहे थे तो उनका बहुत ही खतरनाक एक्सीडेंट हो गया था। उस हादसे में उनका एक पैर बुरी तरह चोटिल हो गया था। इलाज के बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था कि अगर विक्रम की जान बचानी है तो उनका पैर काटना पड़ेगा। लेकिन विक्रम और उनकी मां ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया था।
पैरों की हुई थीं 23 सर्जरी
इस दुर्घटना के बाद ही विक्रम का मुश्किलों भरा दौर शुरू हो चुका था। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पैर को बचा पाने के चांस बहुत ही कम थे। पैर की हड्डियां टूट चुकी थीं और उसकी हालत बहुत ही खराब थी। पैरों के मांस से लेकर उसकी खाल तक सब खराब हो चुका था। जब विक्रम ने पैर कटवाने से मना कर दिया तो डॉक्टरों ने उनकी करीब 23 सर्जरी की थीं। तीन साल तक विक्रम का एक के बाद एक ऑपरेशन होता रहा। तीन साल तक विक्रम बिस्तर पर लेटे रहे। आखिरकार मेहनत रंग लाई और विक्रम का पैर ठीक हो गया।

3 सालों तक बेड पर थे विक्रम
पैरों की 23 सर्जरी के बाद विक्रम की हालत में धीरे धीरे सुधार होने लगा था। करीब एक साल तक विक्रम क्रेच के सहारे चलते थे। हालांकि पैर की परेशानियां खत्म नहीं हुई थीं। कभी विक्रम को पैर में इंफेक्शन हो जाता तो कभी उन्हें बहुत दर्द होता था। एक्सीडेंट होने के कई सालों तक विक्रम अस्पताल के चक्कर लगाते रहे थे। आज वह एक सफल अभिनेता हैं।












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