आखिर जीतकर भी कैसे हार गए Thalapathy Vijay! बेटे और बेटी ने जो किया, उसको देखकर हर कोई दंग, क्या है कहानी!
Thalapathy Vijay Family Story: तमिलनाडु की सियासत में इस बार एक नया इतिहास लिखा गया है। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) ने विधानसभा चुनाव में वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर रहे थे। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों की मानें तो 234 सीटों वाली विधानसभा में विजय की पार्टी ने 108 सीटों पर कब्जा कर लिया है।
विजय की जीत पर सड़कों पर जश्न है, फैंस पागल हो रहे हैं और पूरी साउथ इंडस्ट्री विजय को बधाई दे रही है। लेकिन इस 'महाजीत' के शोर के बीच एक खामोशी ऐसी है जो चीख-चीख कर कुछ कह रही है। वो खामोशी है विजय के अपने घर की। विजय ने चुनाव तो जीत लिया, लेकिन क्या वो अपने बच्चों और अलग रह रहीं पत्नी का दिल हार गए हैं?

जीत के जश्न में 'बाहरी' का साथ, अपनों से दूरी
4 मई का दिन थलपति विजय के लिए दोहरी खुशी लेकर आया था। एक तरफ उनकी पार्टी सत्ता की सीढ़ियां चढ़ रही थी, तो दूसरी तरफ उनकी करीबी दोस्त मानी जाने वाली एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का 43वां जन्मदिन था। दिलचस्प बात यह रही कि जहां विजय के समर्थक सड़कों पर नाच रहे थे, वहीं तृषा तिरुमाला में दर्शन करने के बाद सीधे विजय के घर पहुंचीं। दोनों ने साथ में जीत का स्वाद चखा।
लेकिन इस पूरे फ्रेम से विजय की पत्नी संगीता और उनके दोनों बच्चे नदारद थे। विजय जीत के बाद अपने माता-पिता के पास तो गए, उनके साथ बालकनी में आकर फैंस का शुक्रिया भी अदा किया, लेकिन उनकी बीवी-बच्चों की चुप्पी ने कई कड़वे सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेटे जेसन संजय की 'चुप्पी' ने दिए बड़े संकेत
विजय के 26 साल के बेटे जेसन संजय ने अपने पिता की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर एक शब्द भी नहीं कहा है। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले जेसन का अकाउंट पूरी तरह शांत है। खबरें तो यहां तक हैं कि जेसन ने अपने पिता को अनफॉलो कर दिया है और अब वो अपने नाम के आगे से 'विजय' का सरनेम भी हटाना चाहते हैं। जेसन खुद फिल्म डायरेक्शन में हाथ आजमा रहे हैं और उनकी शॉर्ट फिल्म 'सिग्मा' की काफी चर्चा भी हुई थी।
जानकारों का कहना है कि पिता के कथित अफेयर्स और मां के साथ हुए बर्ताव की वजह से बेटा बुरी तरह नाराज है। एक उभरता हुआ डायरेक्टर अगर अपने पिता की इतनी बड़ी जीत पर खामोश रहे, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
बेटी दिव्या साशा भी पिता से अलग-थलग
सिर्फ बेटा ही नहीं, विजय की बेटी दिव्या साशा ने भी इस जीत से खुद को पूरी तरह दूर रखा है। 2005 में जन्मी दिव्या एक बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं। बचपन में अपने पिता के साथ फिल्म 'थेरी' में एक छोटा सा रोल करने वाली दिव्या अब मीडिया के कैमरों से बचती नजर आती हैं। पिता की इतनी बड़ी राजनीतिक उपलब्धि पर बेटी का कोई रिएक्शन न आना यह बताता है कि परिवार के अंदर दरार काफी गहरी हो चुकी है।
पत्नी संगीता के संगीन आरोप और तलाक की जंग
विजय की पत्नी संगीता सोरनलिंगम ने कुछ समय पहले ही तलाक की अर्जी देकर सबको चौंका दिया था। 1999 में शादी के बंधन में बंधे इस जोड़े के बीच पिछले 2 साल से बातचीत बंद है। संगीता ने अपने आरोपों में 'मानसिक प्रताड़ना' और 'अपमान' जैसे भारी शब्दों का इस्तेमाल किया है।
उन्होंने यहां तक कहा कि जब कोई दूसरी एक्ट्रेस उनके पति के साथ वेकेशन की तस्वीरें डालती थी, तो उन्हें बेहद 'असहाय' महसूस होता था। इशारा साफ तौर पर तृषा की ओर था। संगीता की नाराजगी इस कदर है कि उन्होंने विजय की इस राजनीतिक पारी में उनका साथ देना तो दूर, उन्हें बधाई देना भी मुनासिब नहीं समझा।
क्या राजनीति की चमक पारिवारिक रिश्तों को लील गई?
इसमें कोई दो राय नहीं है कि थलपति विजय अब तमिलनाडु के एक बड़े नेता बन चुके हैं। रश्मिका मंदाना, नयनतारा और पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनके सजदे में झुकी है। लेकिन एक कड़वा सच यह भी है कि जिस घर की बुनियाद पर इंसान अपनी खुशियों का महल खड़ा करता है, वो बुनियाद विजय के केस में हिल चुकी है। 15 साल बाद 'लियो' फिल्म के जरिए तृषा और विजय का साथ आना फैंस को तो पसंद आया, लेकिन उनके घर में आग लगा गया।
आज विजय के पास 108 विधायक हैं, करोड़ों फैंस हैं, लेकिन शायद वो सुकून नहीं है जो एक पत्नी और बच्चों की मुस्कान से मिलता है। क्या थलपति विजय वाकई जीतकर भी हार गए हैं? यह सवाल आज सोशल मीडिया में उठ रहे हैं।












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