Sky Force Review: पहली एयर स्ट्राइक के 'भुला' दिए हीरो की इमोशनल कहानी, अक्षय और वीर का उम्दा काम
डायरेक्टर - अभिषेक अनिल कपूर और संदीप केवलानी
कास्ट - अक्षय कुमार, वीर पहरिया, सारा अली खान, निम्रत कौर, शरद केलकर
ड्यूरेशन - 125 मिनट
रेटिंग- 3.5
Sky Force Movie Review: भारतीय एयरफोर्स ने पाकिस्तान में स्ट्राइक की हैं। इन विषय पर कई फिल्म बन चुकी हैं। उदाहरण के तौर पर 'तेजस', 'फाइटर' और 'ऑपरेशन वैलेंटाइन' हैं। इन तीनों फिल्मों में एयर फोर्स की वीरता की कहानी बताई गई है। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इनका हाल बुरा रहा। फाइटर का हिसाब किताब थोड़ा ठीक रहा, बाकी दोनों का तो मामला गड़बड़ रहा। अब ऐसी ही फिल्म आई है स्काई फोर्स। इसके नाम और पोस्टर ने पूर्वाग्रह से ग्रसित कर दिया। लगा ये भी हाल फिलाहाल फिल्म जैसी होगी। लेकिन नहीं, इस बार मसाला और मसला बहुत अलग है। जो स्काई फोर्स को इन सभी फिल्मों की लाइन में सबसे आगे खड़ा कर दिया है।

पहली एयर स्ट्राइक की कहानी
फिल्म की कहानी तब की है जब भारत के प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री थे। तब हमारा देश अपने सैन्य बल और हथियारों को मजबूत करने की तैयारी में था। उस वक्त भारत के पास जो फाइटर जेट थे, उनकी शक्ति बस दो किमी तक की दूरी के विमान को मार गिराने का बल था। वहीं, पाकिस्तानी सेना के पास अमेरिकी विमान थे, जो 25 किमी तक की दूरी वाले विमान को नेस्ताबूत कर देते थे। तब भारत के एक जांबाज ने वो कर दिखाया था, जिसे जान अमेरीकी भी हैरान हो गए थे। 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ। भारत के कब्जे में पाकिस्तानी सेना का एक अफसर आ जाता है।
जहां भारतीय एयर फोर्स का अफसर उससे पूछताछ करना शुरू करता है। यहां से कहानी फ्लैशबैक में जाती है। क्योंकि भारतीय अफसर उससे पूछता है कि आपको वीरता पदक क्यों मिला था। जवाब होता है 1965 की लड़ाई में आपके एक अफसर को फना किया था। ये वही अफसर है जो एयर स्ट्राइक के दौरान लापता हो गया था। जिसे भारतीय सेना ने भी भुला (ऐसा कह सकते हैं, फिल्म देखने पर साफ हो गा) दिया था। लेकिन वो अफसर नहीं भूला, क्योंकि उस जांबाज को वो अपने छोटे भाई सा मानता था। उसी की मेहनत और खोज के बदौलत आज कई भारतीय जांबाज अफसर की वीर गाथा जानेगें। अब ज्यादा बताना स्पॉइलर की श्रेणी में आएगा। इसलिए फिल्म देखना आपका उचित होगा। यहां ये कहते हुए कतई गुरेज नहीं है कि ये फिल्म देश के लिए 'पागल' रहने वालों की कहानी है।
वीर की शुरूआत अच्छी, अक्षय का फिर उदय होगा
इस फिल्म में दो हीरो हैं, अक्षय कुमार और वीर पहाड़िया। इस फिल्म से वीर पहाड़िया का सिनेमाई उदय हुआ है। लेकिन स्काई फोर्स अक्षय कुमार के स्टारडम में चार चांद लगाने का भी काम कर सकती है। फिल्म को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि अक्षय का करियर ट्रैक पर आ जाएगा। फिल्म में अक्षय कुमार का एक वही अंदाज देखने को मिला है। जो एक आइडल अफसर होता है। विंग कमांडर के.ओ. आहुजा का किरदार निभाया है। इसमें वो अपने पूरे ट्रैक में रहता है और दर्शकों के सामने एक दमदार अदाकारी पेश करते हैं। हल्का इसमें उनका विटीनेस रूप भी दिखता है। वीर पाहड़िया ने टी विजय का किरदार निभाया है। बतौर डेब्यूटेंड एक्टर उन्हें यहां पूरे नंबर मिलते हैं। फिल्म में उनकी अक्षय के साथ ट्यूनिंग भी जमती है। अभिनय में भी वो उम्दा हैं।
प्रमोशनल इवेंट में भी उनके अंदर अभी तक स्टार और परिवार का रुतबा हावी नहीं होता दिखा है। अगर वो इसी को आगे बढ़ाते हैं, तो उनका करियर ग्राफ जबरदस्त ऊचाइयां छूने के लिए तैयार है। बाकी एक्टिंग के अलावा वो डासिंग और सिंगिंग भी जानते हैं। जो एक एक्टर होने की निशानी होती है। बाकी तो फिल्म इंडस्ट्री में स्टार ही लॉन्च होते हैं। सारा अली खान और निम्रत कौर ने अपने स्क्रीन टाइम के हिसाब से अच्छा काम किया है। सोहम शाह, मनीष चौधरी और शरद केलकर की उपस्थिति भी अच्छी है।
लिखाई और बनाई में अव्वल नंबर
फिल्म को संदीप केवलानी, आमिर कीयन खान, कर्ल ऑस्टिन और निरेन भट्ट ने लिखी है। निरेन पहले स्त्री जैसी फिल्में लिख चुके हैं। वहीं, संदीप ने इसके पहले रनवे 34 लिखी थी। लेखन के मामले में फिल्म कसी हुई है। डायलॉग भी उतने ही दिए गए हैं हर एक्टर को जो वाजिब लगते हैं। संदीप और अभिषेक अनिल कपूर ने इस फिल्म से अपना डारेक्शन में डेब्यू किया है। दोनों की बतौर डायरेक्टर बोहनी अच्छी हुई है। सधा हुआ काम नजर आता है। किस एक्टर को कितना स्क्रीन स्पेस और डायलॉग मिलना चाहिए। इसमें भी उन्हें अव्वल नंबर मिलते हैं। फिल्म की सिनैमैटोग्रफी एस के रविचंद्रन ने की है। वहीं, रवेज शेख व क्रेग मैकरे ने इसके एक्शन सीक्वेंस डिजाइन किए हैं। फिल्म में स्पेशल इफेक्ट्स भी बड़े ही करीने से यूज किए गए हैं। जो फिल्म को और सुगम बनाता है।
गीत और संगीत यादगार
यहां फिल्म के संगीत की भी तारीफ करनी होगी, इसे तनिष्क बागची ने कंपोज किया है। स्काई फोर्स के गाने मनोज मुंतशिर, इरशाद कामिल और श्लोक लाल ने लिखे हैं। एक गाना ऐ मेरे वतन के लोगो भी पुराना वर्जन ही उपयोग किया गया है। क्या मेरी याद आती है, रंग और तू है तो मैं हूं गाने अच्छे हैं। लेकिन सबसे उम्दा है माई, जिसे मनोज मुंतशिर ने लिखा है। जिसे तनिष्क बागची कंपोज किया है और गाया बी प्राक ने है। इस गाने में तीनों ने मेहनत नजर आती है। ये कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म में माई और तेरी मिट्टी जैसे गाने लिखने में मनोज मुंतशिर की मास्टरी है।
24 जनवरी को रिलीज हो रही स्काई फोर्स एक बेहतरीन फिल्म है की लाइन में आ खड़ी हुई है। जिसे इस गणतंत्र दिवस आप देख सकते हैं। कुछ बारीक खामियां फिल्म में हैं, लेकिन उन्हें अच्छाइयों ने ढक लिया है। मेरी बात यहीं तक, आप भी फिल्म देखिए और अपनी राय बनाइए।












Click it and Unblock the Notifications