'मैं अगर मर जाऊं तो मुझे वहां', मौत के बाद ये चाहते थे जुबीन गर्ग, आखिरी इच्छा नहीं हो पाई पूरी
Zubeen Garg Last Wish: प्लेबैक सिंगर जुबिन गर्ग के निधन की खबर से अभी तक लोग उभर नहीं पाए हैं। उनके अचानक चले जाने की खबर सबको शॉक में डाल गई है। सिंगापुर में एक इवेंट के दौरान स्कूबा डाइविंग करते समय उनका निधन हो गया। उनके फैस उन्हें याद कर रहे हैं। उनके गाने और पुराने वीडियो इंटरनेट में री-शेयर कर रहे हैं।
उनकी मौत के बाद अब उनका एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है। इसमें जुबिन ने अपने जीवन और मृत्यु के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था, "मैं पागल हूं। अपना सब कुछ मैं लोगों को ही देना चाहता हूं, अपने लिए नहीं। मुझे ऐसा करके खुशी मिलती है। मेरा स्टूडियो मेरा घर है। मैं अपना अंतिम समय टिल्ला में बिताना चाहता हूं, जिसे बोरफुकोनार टिल्ला या इताखुली टिल्ला भी कहते हैं। यह महाबाहु ब्रह्मपुत्र नदी का हेरिटेज सेंटर है।"

जुबिन ने आगे कहा था, "ये बहुत अच्छी जगह है। सच कहूं तो अद्भुत जगहों में से एक। वहां एक छोटा सा बंगला होगा। मैं वहीं रहूंगा और वहीं मर जाऊंगा। जब मैं मर जाऊं, तो लोग मुझे वहीं जला दें या ब्रह्मपुत्र में विसर्जित कर दें। मैं जवान हूं, मैं रैम्बो जैसा हूं।"
जुबिन गर्ग का करियर बहुत शानदार रहा। उन्होंने 'गैंगस्टर' फिल्म के गाने 'या अली' से लेकर 'कृष-3' के 'दिल तू ही बता' जैसे गानों और अनगिनत असमी गीतों के माध्यम से लाखों दिलों में जगह बनाई। मुंबई से करियर की शुरुआत कर उन्होंने अपनी आवाज को पूरी दुनिया में पहुंचाया। वह एक बेहतरीन गायक होने के साथ-साथ बेहद नेक दिल इंसान भी थे।
अपनी कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन के जरिए जुबिन ने कई जरूरतमंदों की मदद की और फुटबॉल चैरिटी मैचों में भी भाग लिया। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने अपने गुवाहाटी स्थित घर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया था, जो उनकी उदारता को दर्शाता है। वह हमेशा अपने प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेंगे।












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