'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' में शामिल हुआ शाहरुख खान का नाम, जानिए इसके बारे में विस्तार से
मुंबई, 24 सितंबर। बॉलीवुड के बादशाह यानी कि शाहरुख खान, भले ही बड़े पर्दे से दूर हैं लेकिन वो अपने फैंस से दूर नहीं हैं। ताजा मामले में शाहरुख की चर्चा 'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' के कारण हो रही है, दरअसल पीएम मोदी ने हाल ही में दिव्यांगों की मदद के लिए 'इंडियन साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' लॉन्च की थी। जिसमें अब शाहरुख खान ने भी एंट्री की है।

'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' में शामिल हुए शाहरुख का नाम
इंडियन साइन लैंग्वेज और ट्रेनिंग सेंटर ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें अगर कोई साइन भाषा में शाहरुख का नाम लेना चाहता है तो उसे पहले अपने हाथों की उंगलियों को गन की तरह बनाना होगा और फिर उसे अपने दिल पर दो बार टैप करना होगा। शाहरुख का सिग्नेचर स्टेप ही उनकी साइन भाषा का भी मार्क है। आपको बता दें कि शाहरुख खान का नाम उन 10हजार शब्दों में शामिल हो गया है, जहां पर पहले से ही 'कारपूलिंग' जैसे नाम हैं।

'साइन लैंग्वेज' का भी व्याकरण होता है
मालूम हो कि जो लोग बोल या सुन नहीं सकते हैं उनसे हाथों, उंगलियों और इशारों से बातें की जाती हैं, इस भाषा को 'साइन लैंग्वेज' कहते हैं और हर भाषा की तरह इसकी भी ग्रामर होती है। इसे और सरल करने के लिए ही भारत में 'इंडियन साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' बनाई गई है, जिसमें 'साइन लैंग्वेज' से अंग्रेज़ी और हिंदी भाषा में अनुवाद किए गए शब्द हैं। हालांकि विदेशों में काफी पहले से 'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' का इस्तेमाल हो रहा है लेकिन हर देश के कल्चर अलग होते हैं तो बहुत सारी चीजों का अर्थ भी अलग-अलग होता है।

'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' की जरूरत क्यों?
इसी वजह से इंडिया में 'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' की जरूरत पड़ी , जिसे कि 'इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर' ने बनाया है। भारत में करीब 50 लाख लोग मूक-बघिर हैं और इनके लिए मात्र 700 स्कूल ऐसे हैं, जहां 'साइन लैंग्वेज' की ट्रेनिंग दी जाती है। फिलहाल सरकार की कोशिश है कि मूक-बघिर के साइन भाषा वाले स्कूल और खोले जाएं और उनका दावा है कि 'साइन लैंग्वेज डिक्शनरी' से मूक-बघिर लोगों को रोजगार-शिक्षा में मदद मिलेगी और दूसरों पर आश्रित नहीं रहेंगे।
10,000 शब्दों के संकेत
मालूम हो कि इस बार शिक्षक पर्व 2021 5 सितंबर से 17 सितंबर 2021 तक मनाया गया है। इस शुभ मौके पर पीएम मोदी ने आईएसएल डिक्शनरी का शुभारंभ किया जिसमें 10,000 शब्दों के संकेत हैं।
संचार बाधाओं को दूर करना
पीएम मोदी ने इसे लॉन्च करते हुए कहा था कि 'आईएसएल डिक्शनरी का मूल उद्देश्य बधिरों और सुनने वाले समुदायों के बीच संचार बाधाओं को दूर करना है। शब्दकोश में रोजमर्रा के उपयोग के संकेत और उनके अनुरूप अंग्रेजी और हिंदी शब्द शामिल हैं। आईएसएल डिक्शनरी में कानूनी, शैक्षणिक, चिकित्सा और तकनीकी क्षेत्रों के विशेष शब्दों को भी समझाया गया है।'












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