Sandhya Shantaram Death: कौन थीं संध्या शांताराम जिनकी मौत से बॉलीवुड में पसरा मातम? कैसे गई जान?
Sandhya Shantaram Death: हिंदी सिनेमा जगत से एक दुखद खबर सामने आ रही है। खबर है कि दिग्गज एक्ट्रेस संध्या शांताराम का निधन हो गया है। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
संध्या शांताराम का हुआ निधन
कलाकारों और फैंस द्वारा संध्या शांताराम की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित वैकुंठ धाम में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ है। उन्होंने 87 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है।

87 साल की उम्र में एक्ट्रेस ने दुनिया को कहा अलविदा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संध्या शांताराम लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उन्होंने 87 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। अब हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर संध्या शांताराम कौन थीं और उन्होंने भारतीय सिनेमा को कौन-कौन सी यादगार फिल्में दी थीं।
कौन थीं संध्या शांताराम?
13 सितंबर 1938 को जन्मी संध्या शांताराम 1950 और 60 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं की फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया था। संध्या ने अपने पति, मशहूर फिल्मकार वी शांताराम की कई फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं और अपनी प्रतिभा से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी।
संध्या शांताराम की मशहूर फिल्में-
झनक झनक पायल बाजे (1955)
दो आंखें बारह हाथ (1958)
नवरंग (1959)
अमर भूपाली (1951)
मराठी सिनेमा की चर्चित फिल्म पिंजरा (1972)
वी शांताराम से रिश्ता और फिल्मी सफर
-संध्या शांताराम का फिल्मी करियर उनके पति वी शांताराम की फिल्मों से ही शुरू हुआ। उस समय शांताराम अपनी फिल्म 'अमर भूपाली' (1951) के लिए नए चेहरों की तलाश में थे। संध्या की आवाज और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उन्होंने उन्हें फिल्म में अभिनय करने का मौका दिया था। यही से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई थी।
-बाद में वी शांताराम अपनी दूसरी पत्नी जयश्री से अलग हो गए और उन्होंने संध्या से शादी कर ली थी। इसके बाद संध्या लगभग शांताराम की हर बड़ी फिल्म का हिस्सा बनी रही थीं।
संध्या शांताराम के यादगार किरदार
साल 1953 में रिलीज फिल्म 'तीन बत्ती चार रास्ता' में संध्या ने कोकिला नाम की एक गरीब लड़की की भूमिका निभाई थी। इस किरदार में ढलने के लिए उन्होंने अपने लुक में बड़ा परिवर्तन किया था और डार्क मेकअप अपनाया था। उनका ये रूप और अभिनय दोनों ही दर्शकों को बेहद पसंद आए और फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी।
संध्या शांताराम का सिनेमा में योगदान
संध्या शांताराम केवल एक एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा में नृत्य, संगीत और अभिनय का बेहतरीन संगम पेश करने वाली कलाकार थीं। उनके द्वारा निभाए गए हर किरदार में भारतीय संस्कृति की झलक मिलती थी। आज उनके निधन से एक स्वर्णिम युग की यादें फिर ताजा हो गई हैं। उनकी कला और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications