काला चश्मा लगाए स्वैग में घर लौटे सैफ अली खान, 6 दिन बाद लीलावती अस्पताल से हुए डिस्चार्ज; एक्टर ने बदला घर!
Saif Ali Khan Discharged From lilavati Hospital: 5 दिन बाद सैफ अली खान लीलवती अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। सैफ के को अस्पताल से घर ले जाने के लिए उनकी मां और दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर भी पहुंची हैं। रिपोर्ट्स की माने तो डॉक्टर्स ने सैफ को एक हफ्ते तक पूरी तरह से बेड रेस्ट करने की सलाह दी है। साथ ही किसी ने ना मिलने की भी सलाह दी है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार का इंफेक्शन ना हो।

शर्मिला टैगोर के अलावा सैफ की बेटी सारा अली खान भी अस्पताल में मौजूद हैं। उनकी पत्नी करीना कपूर खान अस्पताल पहुंची थी, लेकिन घर के लिए निकल गईं। सैफ ने लीलावती हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और स्टाफ का आभार भी व्यक्त किया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक सैफ अली खान की सुरक्षा को देखते हुए लीलावती अस्पताल और उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
सैफ ने घर किया शिफ्ट
सूत्रों के मुताबिक अब सैफ अपना घर भी बदलेंगे। वो अब गुरुशरण अपार्टमेंट की जगह फॉर्च्यून हाइट्स नाम की बिल्डिंग में रहेंगे। यहां एक्टर का सामान शिफ्ट कर दिया गया है। फॉर्च्यून हाइट्स में सैफ का ऑफिस है। ये गुरुशरण के पास ही है। बता दें, गुरुशरण अपार्टमेंट में ही सैफ पर हमला हुआ था।
बता दें, सैफ के घर चोरी के इरादे के घुसे शरीफुल इस्लाम शहजाद को गिरफ्तार कर लिया है। उसी ने सैफ पर चाकू से हमला किया था। ये आरोपी बांग्लादेश का निवासी है, जो पिछले कुछ महीने से मुंबई में रह रहा था। शरीफुल ने भारत में आने के बाद अपना नाम बदल लिया था। ये यहां बिजय दास बनकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को एक UPI ट्रांजेक्शन से पकड़ा है। इस ट्रांजेक्शन की वजह से पुलिस को उसका नंबर मिला। इसके बाद जब उन्होंने नंबर ट्रेस किया तो शहजाद की लोकेशन पता चली।
शहजाद जो सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहा था वो पश्चिम बंगाल के खुकुमोनी जहांगीर सेख के नाम से रजिस्टर्ड था। रिपोर्ट्स की माने तो शहजाद ने सिम कार्ड के लिए जहांगीर का आधार कार्ड इस्तेमाल किया था। वह कथित तौर पर कुछ हफ्तों के लिए पश्चिम बंगाल में घूमता रहा और उसने अपने लिए आधार कार्ड बनाने की भी कोशिश की, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहा।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी शहजाद ने पुलिस को बताया कि उसने 12वीं कक्षा तक बांग्लादेश में पढ़ाई की। भारत वो नौकरी की तलाश में आया था। उसने भारत में प्रवेश करने के लिए मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित डावकी नदी को पार करने का दावा किया। यहां वह कथित तौर पर बिजॉय दास की फर्जी पहचान से गया था। बंगाल में कुछ सप्ताह बिताने के बाद, वह रोजगार के अवसर की तलाश में मुंबई आया। शहजाद ने जानबूझकर ऐसी जगहें चुनीं जहां वह बिना कोई दस्तावेज जमा किए काम कर सके। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमित पांडे नाम के एक श्रमिक ठेकेदार ने ठाणे और वर्ली क्षेत्र में पब और होटलों में हाउसकीपिंग का काम दिलाने में शहजाद की मदद की।
शुरुआत में शहजाद ने पुलिस को बताया कि वह कोलकाता का रहने वाला है। हालाँकि उसके कॉल रिकॉर्ड की जांच करते समय, अधिकारियों को बांग्लादेश स्थित नंबरों पर कई आउटगोइंग फोन कॉल मिले। उन्होंने बताया कि शहजाद ने बांग्लादेश में अपने परिवार को कॉल करने के लिए मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल किया था।












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