Red Letter Movie Review: मेनस्ट्रीम सिनेमा से हटकर बनी फिल्म, जो कराती है सच से सामना

बॉलीवुड में इन दिनों कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा का जलवा है और इसी कड़ी में एक और शानदार एंट्री होने वाली है। फिल्ममेकर अजित अरोरा लेकर आए हैं अपनी डेब्यू मिनी फीचर फिल्म 'रेड लेटर' , जो सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि समाज के एक ऐसे सच को बेबाकी से उजागर करती है जिसका रंग स्याह है। 9 अगस्त को शेमारू मी पर स्ट्रीम होने वाली यह फिल्म आपको 37 मिनट में एक ऐसे सफर पर ले जाएगी जो आपकी आँखें खोल देने वाला होगा और कहीं न कहीं आपको अलर्ट कर देगा।

Red Letter Movie Review

फिल्म की कहानी अभी (अजित अरोरा) नाम के एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे बार-बार एक ही डरावना सपना आता है। सपने में वह एक पुराने, रहस्यमयी लेटर को खोजता है, जिस पर 1890 लिखा है। यह लेटर क्या है और इसका 'अभी' के अतीत से क्या कनेक्शन है, यही फिल्म का सबसे बड़ा सवाल है। अभी अपनी पत्नी आरवा (कृष्णा ठाकुर) के साथ मिलकर इस लेटर की खोज में निकलता है और जब उन्हें वह लेटर मिलता है, तो उसमें लिखी बातें पढ़कर वह दोनों एक दूसरे का मुह ताकने लगते हैं। 'रेड लेटर' का यह प्लॉट आपको फिल्म के आखिरी तक अपनी कुर्सी से हिलने नहीं देगा।

परफॉर्मेंस
फिल्म में अजित अरोरा ने 'अभी' के किरदार में अच्छी परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने एक ऐसे शख्स की बेचैनी, पीड़ा और उसके अंदर उठ रहे तूफान को बखूबी परदे पर उतारा है, जो अपने अतीत के दर्द को अपने सीने में दबाए अपने होंठों पर हंसी लिए जीवन जी रहा है। एक एक्टर के तौर पर यह उनका बेहतरीन डेब्यू है, जो यह साबित करता है कि वो सिर्फ कहानी कहने में ही नहीं, बल्कि एक्टिंग में भी माहिर हैं। अजित ने एक कैरेक्टर के जरिए दो रूपों को स्क्रीन पर जीवंत कर दिया है। कृष्णा ठाकुर ने भी आरवा के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है।

डायरेक्शन, म्यूजिक और टेक्निकल पहलू
डायरेक्टर के तौर पर अजित अरोरा का विजन फिल्म में साफ तौर पर दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहानी को एक अलग नजरिए से पेश किया है, जो दर्शकों को सीधा किरदार की भावनाओं से जोड़ता है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी भी इसकी जान है। बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत वादियाँ और घुमावदार सड़कें न सिर्फ आंखों को सुकून देती हैं, बल्कि कहानी के सस्पेंस को भी गहरा करती हैं। फिल्म का म्यूजिक भी शानदार है। जावेद अली का दिल छू लेने वाला गाना 'रब से है दुआ' कहानी को एक इमोशनल टच देता है।

फाइनल टेक
'रेड लेटर' सिर्फ एक कंप्लीट एंटरटेनमेंट फ़िल्म है। यह हमें एक सामाजिक गंभीर मुद्दे के प्रति जागरूक करती है, जिस पर अक्सर लोग बात करने से बचते हैं। यह फिल्म हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे आसपास भी ऐसे 'राक्षस' मौजूद हो सकते हैं, जिनका रूप बदल गया है, लेकिन उनकी सोच नहीं। यह एक ऐसी कहानी है जो आपको मनोरंजन के साथ-साथ एक जरूरी सबक भी सिखाएगी। यह सभी बातें इस सिर्फ 37 मिनट की इस फिल्म को एक मस्ट वाच मूवी बनाती हैं।

फिल्म रिव्यू: रेड लेटर
कलाकार: अजित अरोरा, कृष्णा ठाकुर, जावेद अहमद खान
निर्देशक: अजित अरोरा
रेटिंग: 3 स्टार्स

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+