'रावण' को पसंद नहीं था फिल्मों में Kiss और सॉफ्ट पोर्न, देव आनंद के भाई पर भड़क गए थे अरविंद त्रिवेदी
मुंबई, 6 अक्टूबर। रामानंद सागर निर्देशित 'रामायण' में रावण का किरदार निभाने वाले दमदार एक्टर अरविंद त्रिवेदी अब हमारे बीच नहीं है। 82 वर्ष की उम्र में उन्होंने बीते मंगलवार दुनिया को अलविदा कह दिया, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अरविंद त्रिवेदी के निधन से सिर्फ बॉलीवुड को ही नहीं हर क्षेत्र के लोगों को झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज हस्तियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। आज हम आपको अरविंद त्रिवेदी से जुड़ी एक दिलचस्प घटना के बारे में बताने जा रहे हैं।

सीबीएफसी के कार्यवाहक अध्यक्ष रहे थे अरविंद त्रिवेदी
'रावण' के किरदार के बाद अरविंद त्रिवेदी की लोकप्रियता काफी बढ़ गई। आज भी 'रामायण' उनके रावण के रोल को खूब पसंद किया जाता है। दिवंगत एक्टर अरविंद त्रिवेदी ने 2002 से 2003 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। वह हमेशा अपने रोल और काम को लेकर स्पष्ट रहे, एक बार एक्टर और देव आनंद के भाई विजय आनंद से उनका विवाद काफी बढ़ गया था और अरविंद त्रिवेदी उनकी बातें सुन भड़क गए थे।

एक्टर देव आनंद के भाई से हो गई थी बहस
दरअसल, विजय आनंद सिनेमाघरों में सॉफ्ट पोर्न फिल्मों को दिखाए जाने की वकालत कर रहे थे, लेकिन अरविंद त्रिवेदी उसक सख्त खिलाफ थे। विवाद इतना बढ़ गया कि सीबीएफसी द्वारा प्रस्तावों पर चर्चा करने से इनकार करने के बाद विजय आनंद ने इस्तीफा दे दिया। साल 2003 के एक इंटरव्यू में अरविंद त्रिवेदी ने कहा था, 'मैं जिस चीज के लिए अड़ा था, उस पर पूर्व विराम लगाना चाहता हूं। वह (विजय आनंद) चाहते थे कि सॉफ्ट पोर्न फिल्में थिएटरों में दिखाई जाएं।'

अरविंद त्रिवेदी ने क्या कहा था?
अरविंद त्रिवेदी ने आगे कहा कि सार्वजनिक मनोरंजन को स्वस्थ होना चाहिए और यह इतना आसान नहीं है। इससे पहले 2002 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह न केवल व्यावसायिक रूप से प्रदर्शित होने वाली पोर्न के खिलाफ थे, बल्कि किसी भी तरह की कामुकता के भी खिलाफ थे। अरविंद त्रिवेदी ने कहा था कि वह जरूरी होने पर किस करने के खिलाफ नहीं हैं।

मंजूर नहीं थीं कामुक सीन्स वाली फिल्में
अरविंद त्रिवेदी के मुताबिक मां-बेटी या भाई-बहन के बीच के दृश्यों में किस करना जरूरी समझा जा सकता है। लेकिन स्त्री और पुरुष के बीच घनिष्ठता या प्रेम की अभिव्यक्ति के दृश्य उन्हें अस्वीकार्य हैं, क्योंकि समाज द्वारा थोपी गई नैतिक सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। करीब एक साल तक सीबीएफसी के कार्यवाहक अध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने कई फिल्मों में कामुक सीन्स को हटवाया।

दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन
बता दें कि बीते मंगरवार देर रात अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अरविंद के भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी के अनुसार वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और उन्होंने अपने आवास पर रात करीब 10 बजे अंतिम सांस ली। उसे उम्र संबंधी कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं और उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। निधन से पहले वह अस्पताल में थे और हाल ही में घर आए थे। अरविंद त्रिवेदी के निधन से फैंस भी बेहद दुखी हैं।

बीजेपी के टिकट पर बने थे सांसद
पर्दे पर अपने अभिनय से लोगों को मुरीद बनाने वाले अरविंद त्रिवेदी ने राजनीति में भी अपना जलवा बिखेरा था। वो साल 1991 में भाजपा के सदस्य के रूप में साबरकथा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए थे और साल 1996 तक वो इस पद पर रहे थे। मालूम हो कि त्रिवेदी ने हिंदी और गुजराती सहित लगभग 300 फिल्मों में काम किया है। तो वहीं उन्हें गुजराती फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए 7 अवॉर्ड्स से भी नवाजा गया था।
यह भी पढ़ें: रामायण के 'रावण' का निधन, CM योगी बोले- उनके उत्कृष्ट अभिनय को सदैव याद किया जाएगा












Click it and Unblock the Notifications