हिंदी विवाद में रामगोपाल वर्मा की एंट्री, बोले-बॉलीवुड अपनी फिल्में कन्नड-तमिल में डब करके साउथ को चुनौती दें
नई दिल्ली, 29 अप्रैल: हिंदी भाषा को लेकर साउथ और हिंदी सिनेमा के दो बड़े अजय देवगन और कन्नड़ एक्टर किच्चा सुदीप हिंदी आमने-सामने आ गए हैं। पिछले दिनों उन दोनों के बीच ट्विटर पर काफी तीखी बहस देखने को मिली थी। अब विवाद में बॉलीवुड के डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा की एंट्री हो गई है। कल राम गोपाल वर्मा ने कहा था कि, जमीनी सच्चाई किच्चा सुदीप सर यह है कि साउथ के स्टार्स से बॉलीवुड एक्टर्स जलते हैं। वहीं आज फिर रामगोपाल वर्मा ने कहा कि, अजय, बॉलीवुड अभिनेताओं को अपनी फिल्मों को कन्नड़ और तेलुगु में डब करके यश, प्रभास, अल्लू अर्जुन औरको चुनौती देनी चाहिए।

बॉलीवुड अपनी फिल्में तेलगू में डब करके चुनौती दे
शुक्रवार को फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा ने ट्वीट कर रहा कि, "एक चुनौती के रूप में रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, अक्षय कुमार, अजय देवगन और जॉन अब्रहाम को अपनी हिंदी फिल्मों को तेलुगु, कन्नड़ आदि में डब करना चाहिए और यश, प्रभास, अल्लू अर्जुन और को चुनौती देनी चाहिए। अपनी हिंदी फिल्मों को और अधिक मजूबत करना चाहिए। रामगोपाल वर्मा यही नहीं रुके।
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साउथ में बॉलीवुड को तबाह कर दिया-राम गोपाल वर्मा
उन्होंने एक और ट्वीट कर लिखा कि, निर्विवादित तथ्य यह है कि प्रभास, यश, रामचरण, एनटीआर और अर्जुन अल्लू हिंदी उर्फ बॉलीवुड में गए और बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, अक्षय कुमार, अजय देवगन, और जॉन अब्राहम को तबाह कर दिया। इससे पहले राम गोपाल वर्मा ने कहा था कि, ने लिखा, जमीनी सच्चाई किच्चा सुदीप सर यह है कि साउथ के स्टार्स से बॉलीवुड एक्टर्स जलते हैं, क्योंकि कन्नड़ डबिंग फिल्म केजीएफ -2 ने 50 करोड़ से शुरुआत की।

इससे पहले वर्मा ने कहा था-साउथ के स्टार्स से बॉलीवुड एक्टर्स जलते हैं
राम गोपाल वर्मा ने ट्वीट करते हुए लिखा, तुम्हारे इस सवाल से बेहतर इस पॉइंट को नहीं समझाया जा सकता। क्या होता अगर आप अजय देवगन के हिंदी ट्वीट का जवाब कन्नड़ में देते। आपकी तारीफ बनती है। मुझे आशा है कि हर कोई यह समझ गया होगा कि कोई नॉर्थ साउथ नहीं है सिर्फ एक भारत है। इसके बाद अजय देवगन के ट्वीट का जवाब देते हुए गोपाल ने लिखा, मैं इस पर भरोसा करता हूं अजय। मैं आपको काफी समय से जानता हूं। मुझे पता है आपका वो मतलब नहीं था जो कुछ लोगों ने समझा है। भाषाएं क्षेत्रीय और सांस्कृतिक सुविधा से बाहर विकसित हुईं और हमेशा हमें जोड़ने का काम करती है ना कि तोड़ने का।












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