5 करोड़ का कर्ज क्यों नहीं चुका पाए Rajpal Yadav? जेल जाने के पीछे थी कौन सी कहानी? अब सामने आया पूरा सच
Rajpal Yadav On 5 Crore Loan: राजपाल यादव फिलहाल बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर प्रियदर्शन की फिल्म 'भूत बंगला' (Bhoot Bangla) में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनकी एक्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है। हालांकि इससे पहले राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में जेल जाने को लेकर भी चर्चा में रहे थे। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं और इसी बीच उन्होंने एक इंटरव्यू में अपनी कानूनी लड़ाई, कर्ज विवाद और जेल के अनुभवों पर खुलकर बात की है।
'हर मदद का जिक्र जरूरी नहीं होता'
इंटरव्यू के दौरान जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) द्वारा राजपाल यादव को 'दयालु इंसान' कहे जाने का जिक्र हुआ तो इस पर एक्टर ने विनम्रता से अपनी प्रतिक्रिया दी। राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने कई ऐसे काम किए हैं, जिनका जिक्र वह सार्वजनिक रूप से नहीं करना चाहते हैं। उनके मुताबिक मदद दो तरह की होती है- एक जो सबको दिखती है और दूसरी जो चुपचाप की जाती है। उनका मानना है कि अनकही मदद की अपनी एक अलग अहमियत होती है।

मुश्किल वक्त में इंडस्ट्री ने नहीं छोड़ा साथ
अपने कठिन दौर को याद करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें इंडस्ट्री से हमेशा सपोर्ट मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 सालों में गांव से लेकर मुंबई तक उन्हें हर जगह लोगों का साथ मिला। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 250 से ज्यादा फिल्मों में काम करना इस बात का प्रमाण है कि निर्माता, निर्देशक और सह-कलाकार लगातार उन पर भरोसा करते रहे हैं।
'जेल पैसों की वजह से नहीं, सिद्धांत की वजह से गया'
-चेक बाउंस मामले और 5 करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर उठे सवालों पर राजपाल यादव ने साफ किया कि मामला उतना सीधा नहीं था जितना लोगों को लगता है। उन्होंने कहा कि उनकी जेल यात्रा पैसों की कमी के कारण नहीं हुई बल्कि ये एक बड़े सिद्धांत और जटिल परिस्थिति से जुड़ा मामला था।
-राजपाल यादव का दावा है कि अगर ये सिर्फ पैसे का मुद्दा होता तो मामला कई साल पहले ही सुलझ चुका होता। उन्होंने ये भी खुलासा किया कि इस विवाद के चलते उन्हें 17 से 22 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ा है।
फिल्मों को लेकर फैसला दर्शकों का होना चाहिए
विवाद की जड़ में रहे फिल्म प्रोजेक्ट पर बात करते हुए राजपाल यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे और ये कुल मिलाकर 22 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म को रिलीज होने का मौका मिलना चाहिए, भले ही उसमें मतभेद क्यों न हों। उनके मुताबिक फिल्म की सफलता या असफलता का फैसला दर्शकों को करना चाहिए, न कि विवादों के आधार पर उसे रोका जाना चाहिए।
धोखाधड़ी के आरोपों पर दिया करारा जवाब
अपने ऊपर लगे धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए राजपाल यादव ने फिल्म इंडस्ट्री के ट्रेंड का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हर 100 फिल्मों में से केवल 20 ही सफल होती हैं जबकि बाकी असफल हो जाती हैं। ऐसे में किसी फिल्म के न चलने को धोखाधड़ी कहना सही नहीं है।
न्याय व्यवस्था पर जताया भरोसा
लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई के बावजूद राजपाल यादव ने न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका पर पूरा भरोसा जताया। राजपाल यादव ने कहा कि ये लड़ाई उन्होंने शुरू नहीं की थी लेकिन इसका अंत जरूर उनके जरिए होगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह पूरी सच्चाई जाने बिना किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
पूरी कहानी जानिए, गलतफहमियां दूर होंगी
अपनी बात खत्म करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर काफी गलतफहमियां फैली हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वह सतही जानकारी के बजाय पूरी कहानी को समझने की कोशिश करें। उनके मुताबिक वह सिर्फ अपना पक्ष सामने रख रहे हैं ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके।












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