रणदीप हुड्डा के साथ वेब सीरीज में नजर आएंगे 'राधे मां' के बेटे हरजिंदर सिंह, जानिए कौन है वो ?
नई दिल्ली, 01 अप्रैल। खुद को मां दुर्गा का अवतार कहने वाली गुरुमाता 'राधे मां' फिर से सुर्खियों में हैं। वजह इस बार उनसे जुड़ा कोई विवाद नहीं बल्कि उनका बेटा है। चौंक गए ना, जी हां आपने सही सुना राधे मां का बेटा, जिनका नाम हरजिंदर सिंह हैं, ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया है कि वो बहुत जल्द एक्टर रणदीप हुड्डा के साथ वेबसीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' में दिखाई देने वाले हैं। मालूम हो कि वो इससे पहले 'ड्रीम गर्ल' और 'आई एम बन्नी' जैसी बॉलीवुड फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं।

वेब सीरीज में नजर आएंगे 'राधे मां' के बेटे
हरजिंदर सिंह ने इंटरव्यू में कहा कि उनकी ख्वाहिश बचपन से ही क्रिकेटर या एक्टर बनने की थी लेकिन क्रिकेटर की तो एक उम्र होती है ना लेकिन एक्टर के साथ ऐसा नहीं है। हालांकि एक वक्त ऐसा था जब एक्टर की भी उम्र देखी जाती थी लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं। मैं एमआईटी पुणे से पढ़ा हुआ हूं।

'मैं स्टेज पर अच्छा काम कर सकता हूं '
मैं वहां के हर कल्चर इवेंट में हिस्सा लेता था और धीरे-धीरे मुझे महसूस हुआ कि मैं स्टेज पर अच्छा काम कर सकता हूं और ये मुझे खुशी देता है और फिर मैं एक्टिंग के क्षेत्र में आ गया। उन्होंने अपने साक्षात्कार में रणदीप हुड्डा की जमकर तारीफ की और कहा कि मैं बतौर एक्टर उन्हें बहुत ज्यादा पसंद करता हूं। मैंने उन्हें लखनऊ शूटिंग में बताया था कि 'मैं कई बार कई फिल्में सिर्फ उनकी वजह से देखने गया हूं वरना मैं नहीं जाता था।'

मोहन सिंह के पिता हलवाई थे
हरजिंदर ने बताया के उनके पास कुछ और बड़े प्रोजेक्ट्स भी हैं, जिनके बारे में वो जल्द खुलासा करेंगे।
मोहन सिंह के पिता हलवाई थे
मालूम हो कि 'राधे मां 'उर्फ गुड़िया उर्फ सुखविंदर कौर का जन्म 1964 में गांव दोरांगला (गुरदासपुर) में हुआ था। गुरुमाता बनने से पहले उनकी शादी साल 1986 में मोहन सिंह नाम के व्यक्ति से हुई थी। उस वक्त राधे मां की उम्र मात्र 18 साल थी । उन्होंने 10वीं तक पढ़ाई की है। मोहन सिंह के पिता हलवाई थे।

राधे मां, एक सीधी सी 10वीं पास पंजाबन लड़की थी
कहते हैं इसी शादी से उन्हें दो बेटे हरजिंदर सिंह और भूपेंद्र सिंह हैं लेकिन शादी के कुछ सालों बाद मोहन सिंह कतर चले गए और वहीं के होकर रह गए।

अक्सर विवादों में भी रहती हैं राधे मां
इस दौरान राधे मां ने काफी आर्थिक कष्ट झेला और धीरे-धीरे उनका अध्यात्म की ओर रूख हो गया और मात्र 25 साल की उम्र में सुखविंदर मुकेरियां में डेरा परमहंस बाग के महंत रामाधीन दास की शिष्या बन गई। महंत ने ही उन्हें 'राधे मां' के रूप में नया नाम दिया। आज उनके लाखों फोलोअर्स हैं। हालांकि अपने पहनावे और क्रियाकलापों की वजह से राधे मां अक्सर विवादों में भी रहती हैं।












Click it and Unblock the Notifications