Mardaani 3 Movie Review: रोंगटे खड़े कर देगी ये क्राइम थ्रिलर, 'मर्दानी' की रानी हैं मल्लिका
Mardaani 3 Movie Review in Hindi: यशराज फिल्म्स के बैनर की फ्रेंचाइज 'मर्दानी 3' रिलीज हो गई हो गई है। ये फिल्म बिना शोर-शराबे के रिलीज हुई है। न फिल्म का भारी भरकर प्रमोशन किया गया और न ही भयंकर पोस्टर बाजी। ऐसे में फिल्म को देखने का मजा अलग होता है। मर्दानी 3 के साथ भी ऐसा हुआ, ट्रेलर ऐसा काटा मेकर्स ने कि एक्साइटमेंट बढ़ गई। अब फिल्म कैसी है क्या कहानी है इस पर बात।

इस बार शिवानी शिवाजी रॉय को NIA एक केस के लिए अपनी टीम में शामिल करता है। उसके सामने इस बार एक एम्बेसेडर की बेटी का किडनैपिंग केस है। जिसका नाम है राजदूत साहू। इस केस में सिर्फ एम्बेसेडर की बेटी ही नहीं है, उसके साथ उनके केयरटेकर की बेटी भी उठा कर ले गए हैं। यहीं से शुरू होती है फिल्म की कहानी, खोजबीन आगे बढ़ती है तो पता चलता है कि किडनैपर्स के तार एक चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े हुए हैं। जिसकी सरगना अम्मा है। उसकी ये ट्रैफिकिंग रिंग भिखारी-माफिया और बड़े-बड़े सरगाना से जुड़ा हुआ मालूम पड़ता है। जो मर्दानी की पुरानी कहानियों से जोड़ते हैं। लेकिन जिस तरह इस बार की कहानी नई और अलग है, वैसे ही इसका विलन भी। अम्मा कोई आम विलेन नहीं है, वो ऐसी है जो आपकी रूह कंपा दे। एंट्री भी वैसी ही है। अम्मा एक घिनौनी, सनकी और निर्मम महिला है। जिसे देख आपका मन कौंध जाए।
विलन है फिल्म की हीरो
शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में रानी मुखर्जी हैं, उन्होंने इस बार भी दमदार एक्टिंग की है। हिचकी के बाद से रानी ने जो भी फिल्म और किरदार निभा रही हैं, उसमें वो गजब काम कर रही हैं। वो पुलिसवाली के किरदार में कनवेंसिंग लग रही हैं। उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस और इमोशनल सीन हो या एक्शन सीक्वेंस दोनों में ही शानदार है। फिल्म की विलेन मल्लिका प्रसाद हैं, जो आपको भौचक्का कर देती हैं। उनको देखना ऐसा लगता है कि एक औरत इतनी निर्मम, निर्दयी और विभत्स्य कैसे हो सकती है? हालांकि यही उनके किरदार की जीत है। इस फिल्म में उनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। उनका किरदार भी मजबूत लिखा गया है, जिसे उन्होंने भुनाया है। सपोर्टिंग कास्ट में जीसू सेनगुप्ता और जानकी बोड़ीवाला समेत सभी ने अच्छा काम किया है।
मजबूत कहानी का जबरदस्त डायरेक्शन
मर्दानी 3 को आयुष गुप्ता ने लिखा है। उन्होंने ही इसका स्क्रीनप्ले भी लिखा है। जिसकी खसियत ये है कि इंटेंस और बहुत ही जमीनी स्तर पर रखी है। जिससे दर्शक बहुत जल्दी कनेक्ट महसूस करता है। इसे डायरेक्ट अभिराज मीनावाला ने किया है। उनका डायरेक्शन भी प्रभावशाली है। इसके सीन को उन्होंने खूब रियल रखने की कोशिश की है, जिसे देख और थ्रिल का मजा आता है। हालांकि पहला हाफ थोड़ा ढीला है, लेकिन दूसरा हाफ बहुत ही तेज और सधा हुआ है। हालांकि फिल्म की एडिटिंग थोड़ा कड़क करने की जरूरत है।
कुल जमा बात ये है कि 'मर्दानी 3' आपको थिएटर में जाकर देखना चाहिए। हीरोइन फिल्म को किस तरह से कंधें में उठाकर रखती है, वो कबिल-ए-तारीफ है। इस फिल्म के बाद यशराज फिल्म्स को 'वॉर 2' जैसी फिल्में नहीं बनानी चाहिए।












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