KRK को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट से लगा झटका, मानहानि केस रद्द करने संबंधी याचिका की गई खारिज
कमाल राशिद खान जिन्हें केआरके से जाना जाता है उन्हें मनोज वाजपेयी के द्वारा दायर किए गए मानहानि केस में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर की खंडपीठ से राहत नहीं मिली। केआरके ने इस केस को रद्द करने की मांग की थी।

अभिनेता और किट्रिक कमाल राशिद खान जो केआरके के नाम से मशहूर जाने जाते हैं। वो अपने विवादित बयानों के कारण जेल तक जा चुके हैं। केआरके एक बार सलमान खान के खिलाफ बयान देकर उनसे पंगा ले चुके है, इसके बाद मनोज वाजपेयी के खिलाफ भी टृीट किया था। जिसके बाद मनोज वाजपेयी ने केआरके के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था। वहीं केआरके को मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट से सोमवार को एक केस में राहत नहीं मिली।

दरअसल कुछ महीने पहले एक्टर मनोज बाजपेयी ने केआरके के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दायर किया था। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मनोज वाजपेयी द्वारा दायर मामले को रद्द करने की मांग की थी।उसी केस में केआरके को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ से राहत नहीं मिली।

कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए बोली थी ये बात
इंदौर जिला अदालत में जस्टिस सत्येंद्र कुमार सिंह ने पिछले हफ्ते वादी, प्रतिवादी दोनों पक्षों को सुनने के बाद दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत केआरके की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा कि एक ट्वीट में की गई टिप्पणी पहली नजर में एक्टर मनोज वाजपेयी की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए काफी थी।

एक्टर को बदनाम करने के इरादे से ट्वीट किया
अदालन ने याचिका करते हुए कहा हालांकि एक्टर को बदनाम करने के इरादे से ट्वीट किया गया था। प्रतिवादी की प्रतिष्ठा या नहीं, यह सबूत का मामला है, जिसे इस अदालत द्वारा सीआरपीसी की धारा 482 के तहत निहित शक्तियों को लागू करके तय नहीं किया जा सकता है।

इस आधार पर मानहानि का केस रद्द करने की अपील की थी
बता दें जुलाई 2022 में इंदौर जिला अदालत के निर्देश पर केआरके के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 के तहत मानहानि का मामला दायर किया गया था। यह मनोज के मुकदमे के बाद किया गया था जिसमें दावा किया गया था कि पिछले साल 26 जुलाई को केआरके के दो ट्वीट ने मनोज वाजपेयी की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल किया था। केआरके के वकील ने कोर्ट को बताया कि जिस ट्विटर हैंडल से ये ट्वीट किए गए थे, उसे उनके मुवक्किल ने 22 अक्टूबर, 2020 को बेच दिया था और इसलिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

अगली सुनवाई 17 जनवरी को होगी
जिसके जवाब में एक्टर मनोज वाजपेयी के वकील ने कहा कि ट्रायल के मौजूदा चरण में ट्विटर हैंडल की बिक्री पर विचार नहीं किया जा सकता है। उनके वकील परेश जोशी ने सोमवार को कहा कि उनके मुवक्किल ने इंदौर जिला अदालत में दायर मामले में पहले ही अपना बयान दर्ज करा दिया है। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 17 जनवरी को होगी।












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