16 की उम्र में आशा भोसले ने लता दीदी के सेक्रेटरी से की शादी, पति ने घर से निकाला, RD Burman ने थामा हाथ
Love Story Asha Bhosle: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज आवाज आशा भोसले आज हमेशा के लिए खामोश हो गई है, शा भोसले को शनिवार को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था,रविवार को उनका निधन हो गया, आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने आशा के निधन की जानकारी दी है।

आशा भोसले की दर्दनाक पहली शादी
इसी बीच आशा भोसले की निजी जिंदगी से जुड़े संघर्ष भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। आशा भोसले की म्यूजिकल लाइफ जितनी शानदार रही है, वहीं उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं।
16 की उम्र में दीदी के सेक्रेटरी से भागकर कर ली थी शादी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महज 16 साल की उम्र में आशा भोसल ने परिवार की इच्छा के खिलाफ गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी, जो उनसे उम्र में काफी बड़े थे। गणपतराव भोसले गायिका लता मंगेशकर के सेक्रेटरी थे। इस शादी के बाद लता मंगेशकर ने तुरंत अपनी छोटी बहन को त्याग दिया था और मंगेशकर परिवार ने उनसे सारे रिश्ते खत्म कर लिए थे।
शादी के चलते दीदी लता मंगेशकर से हो गई थी अनबन
आशा भोसले की इस शादी के फैसले के चलते उनके परिवार, खासकर लता मंगेशकर से उनके रिश्ते में दूरी आ गई थी। शादी के बाद उनका वैवाहिक जीवन कठिनाइयों से भरा रहा था, जहां उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
उम्र में 15 साल बड़े पति ने आशा को कर रखा था परेशान
आशा भोसले को अपना पूरा परिवार छोड़कर अपने 31 वर्षीय पति के साथ रहना पड़ा था। उनकी शादी की वजह से उन बहनों के बीच दरार पड़ गई थी, जो एक समय में बहुत अच्छी दोस्त थीं। आशा के बेटे हेमंत के जन्म के बाद ही मंगेशकर परिवार ने उन्हें स्वीकार किया था।

गणपतराव और आशा भोसले के हुए तीन बच्चे
चीजें फिर से ठीक होने लगी थीं और परिवार एकजुट होने लगा था लेकिन गणपतराव अपनी पत्नी आशा भोसले को अपने परिवार खासकर अपनी बहन लता मंगेशकर के करीब जाने के पक्ष में नहीं थे। गणपतराव और आशा भोसले ने दो और बच्चों का स्वागत किया लेकिन भोसले परिवार के साथ सबकुछ ठीक नहीं था।
लालची था आशा भोसले का पति गणपतराव
-आशा भोसले तीन बच्चों की मां बन चुकी थीं जबकि लता मंगेशकर को अपने समय की बेस्ट सिंगर माना जाता था। लता मंगशेकर की लोकप्रियता ने गणपतराव को खतरे में डाल दिया था क्योंकि उनकी पत्नी आशा को गाने के ऑफर नहीं मिल रहे थे। गणपतराव एक लालची आदमी था और चाहता था कि आशा ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाएं।
-1950 के दशक के दौरान गणपतराव अक्सर अपनी पत्नी आशा भोसले को पैसों के लिए परेशान करता था और उन्हें बहन लता मंगेशकर से मिलने से रोकता था। उसने पत्नी आशा भोसले पर बेवफाई का आरोप लगाया था और उनके झगड़े अक्सर हिंसक रूप ले लेते थे।
बच्चों सहित आशा भोसले को पति ने घर से निकाल दिया था
1960 में गणपतराव ने आशा भोसले और उनके तीन बच्चों को घर से बाहर कर दिया था। यहां तक कि उन्होंने आशा को अपने साथ कुछ भी ले जाने की इजाजत नहीं दी थी। गणपतराव को छोड़ना आशा के लिए सबसे अच्छी बात थी। उसके बाद उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। उनके चाहने वालों की संख्या बहुत ज्यादा थी और उनमें से एक युवा लड़का भी था जिसका नाम राहुल देव बर्मन (R.D. Burman) था।
6 साल छोटे आर. डी. बर्मन को आसा भोसले से हो गया था प्यार
-आर.डी. बर्मन अक्सर अपने पिता एस. डी. बर्मन के साथ उनके स्टूडियो में जाते थे और यहीं पर बड़े काले चश्मे वाले इस दुबले-पतले कॉलेज के लड़के ने पहली बार आशा भोसले को देखा था। तभी वो उन पर लट्टू हो गए थे। 1966 में आर. डी. बर्मन ने रीता पटेल से शादी की थी लेकिन 1971 में उनका तलाक हो गया था।
-आर.डी. बर्मन ने कई मौकों पर आशा भोसले के साथ काम किया। म्यूजिक के प्रति प्यार ही दोनों को करीब ले आया था। आर. डी. बर्मन अपनी लेडी लव आशा भोसले से 6 साल छोटे थे। आर. डी. बर्मन ने आशा भोसले को शादी के लिए प्रपोज किया था।
आर. डी. बर्मन और आशा भोले की शादी
हालांकि आशा भोसले अपने अतीत की यादों में खोई हुई थीं और आर. डी. बर्मन के प्रपोजल को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं लेकिन इससे बर्मन निराश नहीं हुए। काफी मनाने के बाद आशा भोसले उनसे शादी करने के लिए राजी हो गई थीं और 1980 के दशक में दोनों ने शादी कर ली थी।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
आशा भोसले ने अपने जीवन में जितनी चुनौतियां देखीं, उतनी ही मजबूती से उनका सामना भी किया। उन्होंने न सिर्फ खुद को संभाला बल्कि संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। आज उनकी गिनती भारतीय संगीत की सबसे महान गायिकाओं में होती है, जिनकी आवाज ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है।












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