KBC 14: मेजर डीपी सिंह ने कहा- 'मेरे शरीर में 73 छर्रे, रगों में भारतीयों का खून', सुनिए इस वीर की दास्तां
नई दिल्ली, 08 अगस्त। 'कौन बनेगा करोड़पति' के 14वां सीजन की शुरुआत रविवार रात हो गई है। शो के पहले एपीसोड में आजादी का अमृत महोत्सव सेलिब्रेट किया गया। शो में मुख्य अतिथि के तौर पर आमिर खान, कारगिल हीरो मेजर डीपी सिंह , सेना मैडल गैलेंट्री कर्नल मिताली मधुमिता, पद्म विभूषण एमसी. मैरी कॉम और पद्मश्री सुनील छेत्री पहुंचे थे।

'मेरे शरीर में 73 छर्रे, रगों में भारतीयों का खून'
शो के दौरान ऐसे कई पल आए जब वहां मौजूद हर इंसान काफी भावुक हो उठा और उसका सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इन खास पलों में एक वो पल था जब कारगिल के हीरो मेजर डीपी सिंह ने कहा कि 'मेरे शरीर में 73 छर्रे हैं और मुझे नहीं पता कि मुझे किस हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई ने अपना लहू दिया लेकिन मैं गर्व से साथ कह सकता हूं कि मेरे रगों में सच्चा भारतीय खून है।'

'किसी ने पति खोया तो किसी ने मेरी तरह अंग'
डीपी सिंह ने जब ये बातें कहीं तो वहां मौजूद हर व्यक्ति काफी इमोशनल हो गया। इसके बाद मेजर सिंह ने कहा कि 'लड़ाई से किसी का भला नहीं होता है, लड़ाई से सिर्फ नुकसान होता है। किसी ने लड़ाई में बेटा खोया, किसी ने भाई, किसी ने पति तो किसी ने मेरी तरह अंग' ।

'ये तो डेड बॉडी है मॉर्चरी में ले जाओ'
उन्होंने बताया कि 'ऑप्रेशन विजय के दौरान उन पर मोर्टार बम से हमला हुआ था। उन्हें जब अस्पताल लाया गया था तो डॉक्टरों ने कह दिया था कि ये तो डेड बॉडी है मॉर्चरी में ले जाओ लेकिन लोगों की दुआओं और ऊपर वाले की कृपा से आज मैं आपके सामने हॉट सीट पर बैठा हुआ हूं।'

'प्रेम से ही किसी मसले को सुलझाया जा सकता है'
उन्होंने ये भी कहा कि 'प्रेम से ही किसी मसले को सुलझाया जा सकता है लेकिन अगर कभी भी कोई भी आपकी मातृभूमि की तरफ आंख उठाकर देखेगा तो एक सैनिक का कर्तव्य है कि वो फिर उस दुश्मन की आंखों को फोड़ दे, बिना अपनी जान की परवाह किए बिना, मैंने भी वो ही किया।'
'फर्स्ट इंडियन ब्लेड मैराथन रनर '
मेजर डीपी सिंह ने कारगिल वॉर में अपना एक पैर खो दिया था। बाद में सेना ने उन्हें ब्लेड प्रोस्थेसिस दिया था लेकिन अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनावे वाले मेजर डीपी सिंह ने स्काई डाइवर बनकर नया इतिहास रचा। दुनिया उन्हें फर्स्ट इंडियन ब्लेड मैराथन रनर के रूप में भी पहचानती हैं।
डीपी सिंह आज करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं
डीपी सिंह आज करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने साबित किया कि अगर इरादे नेक, हौसले बुलंद और इंसान के पास हिम्मत है तो कोई भी मुश्किल आपको पराजित नहीं कर सकती है। दो बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके मेजर डीपी सिंह ने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया है।












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