"Kashmir Files" के विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी का रॉककॉन्सर्ट से शुरू हुआ था रोमांस, पढ़ें लव स्टोरी
कश्मीर फाइल्स के डॉयरेक्टर विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी का रॉककॉन्सर्ट से शुरू हुआ था रोमांस, पढ़े लव स्टोरी
नई दिल्ली, 15 मार्च। फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स की जमकर चर्चा हो रही है। बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत करने वाली ये फिल्म उत्पीड़न और कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और उसके बाद के पलायन पर आधारित है। इस फिल्म में पल्लवी जोशी जो विवि की प्रोफेसर राधिका मेनन के किरदार में नजर आईं वो रियल लाइफ में फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री की पत्नी हैं। आइए जातने हैं पल्लवी जोशी और विवेक अग्निहोत्री की लव स्टोरी।

एक रॉक कॉन्सर्ट में शुरू हुई थी
पल्लवी जोशी अग्निहोत्री की फिल्मों बुद्ध इन ए ट्रैफिक जाम और द ताशकंद फाइल्स का हिस्सा रहीं हैं। लेकिन शायद ही आपको पता होगा दशकों पुरानी यह व्यक्तिगत और प्रोफशनल पॉर्टनरशिप की रियल कहानी एक रॉक कॉन्सर्ट में शुरू हुई थी?

पल्लवी और विवेक ने 1997 में कर ली थी शादी
दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाली पल्लवी जोशी ने 1997 से फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री से शादी की है। विवेक को द ताशकंद फाइल्स, बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम और चॉकलेट: डीप डार्क सीक्रेट्स जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। वहीं पल्लवी जोशी ने टीवी सीरियल मिस्टर योगी, भारत एक खोज, अल्पविराम, जस्टाजू जैसे टेलीविजन धारावाहिक और वो चोकरी, द मेकिंग ऑफ द महात्मा और सूरज का सातवां घोड़ा जैसी फिल्में की हैं।

90 के दशक हुई थी पहली मुलाकात
शादी टाइम्स को दिए इंटरव्यू में विवेक अग्निहोत्री ने खुलासा किया था कि पल्लवी जोशी से पहली बार 90 के दशक की शुरुआत में कॉमन फ्रेंड्स के जरिए एक रॉक कॉन्सर्ट में मिले थे। उन्होंने कहा मैं पल्लवी को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता था लेकिन पहली ही मुलाकात में मुझे लगा था कि कुछ ऐसा था जो हमारे अंदर कॉमन था- मुझे लगता है कि यह तथ्य था जो हमें करीब लेकर आया। हम दोनों संगीत कार्यक्रम से काफी ऊब गए।

तब उन्हें बहुत पसंद नहीं करती थी
पल्लवी जोशी ने इसी साक्षात्कार में बताया कि वह प्यासी थी और अग्निहोत्री ने उसे पीने के लिए कुछ दिया। पल्लवी ने कहा मैं तब उन्हें बहुत पसंद नहीं करती थी। धीरे-धीरे, दोनों व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर जुड़े और एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जानने लगे।

एड-मैन होने के नाते पल्लवी को हो गया था ये शक
पल्लवी ने कहा मैंने सोचा था कि एक एड-मैन होने के नाते वह उन भद्दे लोगों में से एक हो सकता है वहीं विवेक ने सोचा कि मैं फिल्मी हो सकती हूं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया हम एक-दूसरे को जानते थे और इससे पहले कि हम जानते थे कि हम प्यार में थे। हम प्रोफेशनल और व्यक्तिगत रूप से कई स्तरों पर जुड़े।

तीन साल की डेटिंग के बाद दोनों ने की शादी
तीन साल की डेटिंग के बाद, जोड़े ने 28 जून, 1997 को मुंबई में अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी के बंधन में बंध गए। दंपति के दो बच्चे हैं और खुशहाल जीवन बिता रहे हैं।

साथ में काम करने से क्या पर्सनल लाइफ पर पड़ा है असर
विवेक ने कहा साथ काम करने से हमारी शादी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आप लगातार संपर्क में हैं और जैसा कि हम दोनों एक-दूसरे की प्रोफेशलन स्किल का अहमियत देते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

पल्लवी ने बताया एक अच्छी शादी का राज
पल्लवी ने कहा मुझे लगता है कि एक सफल शादी की कुंजी अपने साथी की पूर्ण स्वीकृति है।" "आपको अपने साथी की सकारात्मक और नकारात्मक बातों को पूरी तरह से स्वीकार करना होगा। एक और महत्वपूर्ण गुण अपने साथी और विवाह पर अत्यधिक विश्वास है, जो किसी भी विवाह की आधारशिला है। विकास के लिए एक दूसरे को स्थान देना भी आवश्यक है क्योंकि हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां दोनों पति और पत्नी के पेशेवर लक्ष्य हैं।"












Click it and Unblock the Notifications