Jaat Movie Review: सिनेमाघरों में तूफान ले आए सनी देओल, रणदीप और विनीत की परफॉर्मेंस ने फिल्म को निखारा
फिल्म - जाट
डायरेक्टर - गोपीचंद मलिनेनी
कास्ट - सनी देयोल,रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार सिंह, रेजिना कैसेंड्रा, सैयामी खेर
रेटिंग - 3.5 स्टार्स
Jaat Movie Review: 67 साल का हीरो करीब 1.5 साल बाद अपनी फिल्म को लेकर सिनेमाघरों में लौट आया है। फिल्म का नाम 'जाट' है और हीरो का नाम सनी देओल। इस फिल्म के ट्रेलर ने खूब बज बनाने की कोशिश की, लेकिन मेकर्स उतना नहीं बना पाए। ट्रेलर देख ऐसा लगा कि फिल्म टिपिकल तरीके की होगी। फिल्म का प्रेस शो भी नहीं हुआ, इसलिए ऐसा भी लगा कि मेकर्स भी फिल्म को लेकर श्योर नहीं है। लेकिन ये सारे मन के सवाल सुबह सिनेमाघर में फिल्म के शुरू होते ही हट गए। क्योंकि फिल्म थोड़ी अलग थी। सनी 67 साल की उम्र में भी अपने एक्शन से आपको कनवेंस कर लेते हैं। इस फिल्म में वो गदर 2 से भी आगे निकल गए हैं।

जाट की कहानी की शुरुआत होती है श्रीलंका के अशांत इलाकों से, जहां रणदीप हुड्डा का किरदार राणातुंगा अपने खौफ का कारोबार खड़ा करता है। सोने की तस्करी से शुरू हुआ ये सफर भारत की जमीन पर राजनीति, अपराध और सत्ता के गठजोड़ में तब्दील हो जाता है। इसी बुराई के साम्राज्य को ध्वस्त करने आता है, ब्रिगेडियर बलदेव प्रताप सिंह उर्फ जाट। लेकिन अंदर से भरा हुआ है गुस्से और इंसाफ की आग से। फिल्म में ट्विस्ट्स की कोई कमी नहीं है। श्रीलंका की पृष्ठभूमि, भारत का क्रिमिनल अंडरवर्ल्ड, राजनीतिक साजिशें और फिर रामायण जैसी पौराणिक झलकियों को कहानी में यूं पिरोया गया है कि जाट को राम और राणातुंगा को रावण की छवि में देखना रोमांचक हो जाता है। हर मोड़ पर कुछ नया देखने को मिलता है, चाहे वो भाईचारे की दरार हो या सिस्टम से लड़ने की ताकत। कह ये भी सकते हैं कि फिल्म की पूरी कहानी इडली और सॉरी के चक्कर में घटती है। यही मोटा माटी फिल्म जाट की कहानी है।
परफॉर्मेंस की बात करें तो सनी देओल अपने आइकॉनिक अवतार में पूरी धमक के साथ लौटे हैं। उनकी डायलॉग डिलेवरी भी बहुत गजब है, वो अपने जाट के किरदार में काफी फिट भी दिखते हैं। उनका एक्शन भी आपको सच सा लगता है। कहीं भी बनावटी या जरूरत से ज्यादा नहीं लगता है। रणदीप हुड्डा एक खतरनाक, ठंडे मिजाज़ वाला विलेन बनकर डराते हैं। ये शायद उनकी थोड़ी ठंडी परफॉर्मेंस भी है। वहीं, विनीत कुमार सिंह पहली बार निगेटिव रोल में छा जाते हैं। ऐसा लगा रहा है कि विनीत जो भी रोल करते हैं, उसे अपना बना लेते हैं। यहां भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। रेजिना कैसेंड्रा और सायामी खेर अपने किरदारों में मजबूती और इंटेलिजेंस का बैलेंस बखूबी पकड़ती हैं। फिल्म का एक्शन, कैमरा वर्क और सिनेमैटोग्राफी शानदार है, खासकर समंदर किनारे के सीन्स और क्लाइमेक्स के के एक्शन सीन।
कुल मिलाकर 'जाट' एक पावरफुल मास एंटरटेनर है, जो देसी सिनेमा के फैंस को पूरी तरह संतुष्ट करती है। इसमें वो सब है जो एक दर्शक देखना चाह रहा है। यह फिल्म सिर्फ पंच और गोली नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट जैसी भी समझ आती है। अगर आपको सनी देओल वाला देसी रॉ एक्शन, हाई-ऑक्टेन ड्रामा और क्लासिक मसाला फिल्में पसंद हैं, तो 'जाट' आपके लिए ही बनी है।












Click it and Unblock the Notifications