Oscars 2023: भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा को मिला ऑस्कर अवॉर्ड, कभी सड़कों पर बेचा करती थीं पनीर

Guneet Monga: गुनीत मोंगा ने अपने कठिन बचपन के बारे में खुलकर बात की और बताया कि कैसे वह अजीबोगरीब काम करने से लेकर आज के दिन में ऑस्कर विजेयी शॉर्ट फिल्म 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' की प्रोड्यूसर बन गई हैं।

Guneet Monga

Guneet Monga: ऑस्कर अवॉर्ड जीतने के बाद भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा ने अपना पहला 'धन्यवाद' अपने माता-पिता को दिया, जिन्हें उन्होंने गत छह महीने के अंदर खो दिया था। ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए गए एक इंटरव्यू में गुनीत मोंगा ने अपने माता-पिता को खोने के दर्द के बारे में बात की थी और बताया था कि कैसे उन्हें काम करने की प्रेरणा मिली थी। आपको बता दें कि भारत की शॉर्ट फिल्म 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का ऑस्कर अवॉर्ड दिया गया है। इस शॉर्ट फिल्म की प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा हैं जिसे सिख एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन कंपनी ने प्रोड्यूस किया है।

गुनीत मोंगा ने बताया कैसे बीता था बचपन

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए गए इंटरव्यू में गुनीत मोंगा ने अपने कठिन बचपन के बारे में खुलकर बात की है और बताया कि कैसे वह अजीबोगरीब काम करने से लेकर आज के दिन में ऑस्कर विजेयी शॉर्ट फिल्म 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' की प्रोड्यूसर बन गई हैं। आपको बता दें कि दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय पंजाबी परिवार में जन्मीं गुनीत मोंगा का बचपन बहुत ही साधारण था।

पैरेंट्स के साथ एक कमरे में रहती थीं गुनीत

पैरेंट्स के साथ एक कमरे में रहती थीं गुनीत

पारिवारिक विवाद के चलते गुनीत मोंगा और उनके माता-पिता को घर में रहने के लिए एक ही कमरा दिया गया था। गुनीत मोंगा ने कहा- सम्पत्ति को लेकर भाइयों के बीच लड़ाई जारी थी लेकिन इन सबके बीच में मेरी मां पिस रही थी। मेरे भाई उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे। एक बार तो ये बहस इतनी बढ़ गई कि उन्होंने मां को जिंदा जलाने की कोशिश तक की। मेरे पिता ने पुलिस को फोन किया और ऐसे में वो लोग वहां से भाग गए।

सड़कों पर पनीर बेचती थीं गुनीत मोंगा

गुनीत मोंगा ने कहा- मैंने सड़कों पर पनीर बेचा था। पीवीआर में एक अनाउंसर के रूप में काम किया था। इसके अलावा डीजे और एंकर के रुप में मैंने काम किया है। ऑस्कर विनिंग प्रोड्यूसर ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा- जब मैं कॉलेज जाने लगी तो फिल्मों में काम करने के लिए मुंबई के हर स्टूडियों में पहुंचने लगी। धीरे धीरे मैं कॉर्डिनेटर से प्रोडक्शन मैनेजर बन गई।

पैरेंट्स को देना चाहती थीं सपनों का घर

गुनीत मोंगा ने आगे कहा- मैंने अपने माता-पिता के सपनों का घर खरीदने के लिए बचत करनी शुरू की। गुनीत मोंगा ने पारिवारिक आय में योगदान देने के लिए 16 साल की उम्र में छोटे-मोटे काम करना शुरू कर दिया था। वह उस घर को खरीदने के लिए दृढ़ निश्चयी हो गई थीं जो उनकी मां को पसंद था। गुनीत मोंगा ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों की एक दूसरे के छह महीने के अंदर ही मौत हो गई थी । गुनीत की मां को गले में कैंसर हो गया था जबकि उनके पिता की किडनी खराब हो गई थी। ऐसे में दोनों का निधन हो गया।

गुनीत ने कहा- मैंने बिना रुके काम किया

गुनीत ने आगे कहा- मेरा दिल टूट गया था। मुझे बदलाव की जरूरत महसूस हो रही थी। मैंने अपना बैग पैक किया, घर बेच दिया और काम के लिए मुंबई चली गई। मैंने अपनी सारी एनर्जी फिल्मों में लगा दी। उन्होंने कहा- मैंने बिना रुके काम किया। मैं रात में सिर्फ चार घंटे सोती थी और क्राउड-फंडिंग और इंटरनेशनल सेल्स जैसी चुनौतियों के बारे में समझने में अपना समय बिताती थी।

पिता से 'तुम पर गर्व' सुनना चाहती थी

गुनीत मोंगा अपने हर एक मिनट को प्यार करती थीं लेकिन अपने सबसे खुशी के पलों में भी, वह अपने माता-पिता को अपने साथ चाहती थीं। गुनीत मोंगा ने कहा- मैं अपनी माँ की 'तुमने अच्छा किया' या मेरे पिता से 'तुम पर गर्व' सुनना चाहती थी। लेकिन मुझे पता है कि वह शांति से हैं जहां भी हैं। किसी दिन मैं उन्हें फिर से देखूंगी और अपना 'अच्छा काम' दिखाऊंगी। लेकिन अभी के लिए, मैं जीवन गुजार रही हीं और उनके लिए खुशी के पल इकट्ठा कर रही हूं।

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