फिल्म 83: रणवीर सिंह बोले- कपिल देव का बॉलिंग एक्शन सीखना मेरे लिए सबसे कठिन रहा, 6 महीने तक हर रोज...
रणवीर सिंह की फिल्म 83 ने अभी सिनेमाघरों में दस्तक को नहीं दी है, लेकिन फिल्म के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है। दर्शकों को फिल्म का ट्रेलर खूब पसंद आ रहा है।
मुंबई, 20 दिसंबर। रणवीर सिंह की फिल्म 83 ने अभी सिनेमाघरों में दस्तक को नहीं दी है, लेकिन फिल्म के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है। दर्शकों को फिल्म का ट्रेलर खूब पसंद आ रहा है। ट्रेलर देखकर आपको अंदाजा हो जाएगा कि रणवीर सिंह ने इस फिल्म पर कितनी मेहनत की है। उन्होंने कपिल देव के करेक्टर के साथ पूरा न्याय किया है। कपिल देव जैसी बॉलिंग, बैटिंग, उनके जैसा शॉट मारने, यहां तक की हू-ब-हू कपिल जैसा दिखने में भी उन्होंने पूरी कोशिश की है।

फिल्म का नया पोस्टर जारी
आज इस फिल्म का एक नया पोस्टर रिलीज किया गया है। ये पोस्टर इतना धासूं है कि इसे देखकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। पोस्टर में रणवीर जिस हिसाब से गेंदबाजी करते हुए दिखाई दे रहा है, उनका एक्शन बिल्कुल कपिल देव से मेल खा रहा है। वे कपिल के इतने समान लग रहे हैं कि पहली बार तो आप उन्हें देखकर कह ही नहीं पाएंगे कि ये रणवीर हैं। इस पोस्टर पर ढेरों कमेंट आ रहे हैं और लोग रणवीर की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जब आप इस पोस्टर को देखेंगे तो पाएंगे कि रणवीर सिंह की गर्दन, बॉल पकड़ने का तरीका, रन-अब कपिल देव से कितना मिल रहा है।

कपिल देव जैसी बॉलिंग करना सबसे कठिन रहा
रणवीर सिंह ने कपिल देव जैसे बॉलिंग एक्शन पर कहा कि कपिल देव की तरह गेंदबाजी करना मेरे किरदार का सबसे कठिक पहलू था। उन्होंने कहा कि उनका बॉलिंग एक्शन बेहद अलग है। मेरी कद काठी भी उनसे बेहद अलग है, इसलिए मुझे उन जैसा दिखने के लिए शारीरिक तौर पर बहुत मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि हू-ब-हू कपिल जैसा बॉलिंग एक्शन करने के लिए मुझे कई दिन नहीं बल्कि कई महीने लगे। शुरुआत में मेरा शरीर काफी भारी था क्योंकि मैंने सिंबा फिल्म की शूटिंग खत्म की थी।

6 महीनों तक रोज 4 घंटे क्रिकेट खेला
उन्होंने कहा कि 83 विश्वकप के लीजेंड बलविंदर सिंह संधू हमारे कोच थे। उन्होंने मुझसे कहा कि जब तू रन-अप में आता है तो तू ऐसा लगता है कि जैसे कोई पहलवान बॉलिंग कर रहा हो और इसके बाद उन्होंने मुझे अपने शरीर पर काम करने के लिए भेज दिया। इसके बाद मैंने कड़ी मेहनत की। मैंने 6 महीनों तक दिन में 4 घंटे क्रिकेट खेली और अपने शरीर पर 6 महीनों तर हर रोज 2 घंटे खर्च किए।

इतनी मेहनत की कि आज परफेक्ट गेंदबाज बन गया
उन्होंने कहा कि मुझे अपने किरदार के साथ न्याय करना था। साथ ही मैं चाहता था कि कपिल को लगे कि मैं उनकी तरह ही बॉलिंग कर रहा हूं। उनके जैसा बॉलिंग एक्शन करने में मुझे चोटें भी आईं, लेकिन मेरे लिए उनका एक्शन सीखना जरूरी था। मैंने इतनी मेहनत की कि आज में एक बढ़िया गेंदबाज बन गया हूं।
उन्होंने कहा कि बलविंदर सिंह संधू के अलावा हमारे कोच राजीव मेहरा ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई। इसके अलावा मैंने कपिल देव के साथ भी कई बार मैच खेला।












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