भाषा विवाद पर R Madhavan का बड़ा बयान, जानें Hindi Marathi Row पर क्या है एक्टर के दिल की बात
R Madhavan On Language Row: अभिनेता आर. माधवन अपनी हालिया रिलीज़ फिल्म 'आप जैसा कोई' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग और फातिमा सना शेख के साथ केमिस्ट्री को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है। फिल्म 11 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो चुकी है और इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म के प्रचार के बीच माधवन ने हालिया मराठी बनाम हिंदी भाषा विवाद पर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि किसी नई जगह जाने पर भाषा सीखने की कोशिश करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस वजह से उन्हें कभी परेशानी नहीं हुई।
आर माधवन ने कहा कि मैंने कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है, लेकिन मुझे जहां भाषा नहीं भी आती थी वहां भी कोई परेशानी नहीं हुई। बता दें कि महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर अब तक कई सेलिब्रिटी और स्टार्स अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।

R Madhavan बोले, 'भाषाएं सीखने की कोशिश करनी चाहिए'
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान आर. माधवन से भी मराठी बनाम हिंदी भाषा विवाद पर राय पूछी गई थी। उन्होंने कहा कि मैं भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहा हूं और मैंने कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अलग-अलग भाषाएं सीखना सबके लिए अच्छा होता है। यह किसी समाज और संस्कृति को समझने का आसान तरीका है। जहां तक भाषा की वजह से होने वाली परेशानी की बात है, तो मुझे कभी इस वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई। मैं तमिल, हिंदी और मराठी समेत कई भाषाएं समझ सकता हूं और बोल भी लेता हूं। मुझे व्यक्तिगत रूप से कभी किसी भाषा की वजह से कोई अड़चन महसूस नहीं हुई। मैं तमिल में बोलता हूं, हिंदी में काम करता हूं और मैंने कोल्हापुर में पढ़ाई के दौरान मराठी सीखी थी।'
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अजय देवगन और उदित नारायण भी भाषा विवाद पर रख चुके हैं राय
हाल के दिनों में, जब फिल्म 'सन ऑफ सरदार 2' का ट्रेलर लॉन्च हुआ, तो इस दौरान अभिनेता अजय देवगन से भी इस विषय पर सवाल किया गया था। उन्होंने कोई सीधा जवाब देने के बजाय मजाकिया अंदाज में अपनी फिल्म सिंघम का डॉयलॉग 'आता माझी सटकली' कहकर पल्ला झाड़ लिया था। प्रसिद्ध गायक उदित नारायण ने भी इस विवाद पर अपनी राय रखते हुए कहा कि भारत में हर भाषा और संस्कृति को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र मेरी कर्मभूमि है और यहां की भाषा मेरे लिए बहुत खास है। मेरा मानना है कि आप जहां रहते हैं वहां की भाषा सीखने की कोशिश करनी चाहिए। सभी भारतीय भाषाओं को समान मान्यता और सम्मान मिलना चाहिए।'
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