Hijab Controversy: इस्लाम के लिए बॉलीवुड को अलविदा कहने वाली जायरा वसीम ने कहा-'महिलाएं हिजाब में कैद नहीं'
नई दिल्ली , 20 फरवरी। कर्नाटक से शुरु हुए हिजाब विवाद पर राजनीति गर्मा गई है तो वहीं फिल्मी कलाकारों ने भी इस मसले पर अपनी राय रखी है। मामला कोर्ट में चल रहा है तो वहीं धर्म की वजह बॉलीवुड को अलविदा कहने वाली जायरा वसीम ने अब इस मामले पर बयान दिया है। 'दंगल गर्ल' के नाम से मशहूर जायरा ने इस बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 'हिजाब एक चॉइस, ये गलत है यह एक प्रकार की धारणा है जिसे सुविधा अनुसार बनाया गया है, यह अज्ञानता की वजह से हुआ है।'
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' हिजाब इस्लाम में एक विकल्प नहीं...'
जायरा ने कहा है कि ' हिजाब इस्लाम में एक विकल्प नहीं बल्कि एक दायित्व है। इसी तरह, एक महिला जो हिजाब पहनती है वह एक दायित्व को पूरा कर रही है, वह ईश्वर की देन हैं, उसे वे प्रेम से स्वीकार करती हैं, उसके प्रति सम्मान व्यक्त करती हैं।'

'मैं भी हिजाब पहनती हूं'
जायरा ने आगे लिखा है कि 'मैं भी हिजाब पहनती हूं, इसलिए मैं इस सिस्टम का विरोध करती हूं जहां महिलाओं को हिजाब पहनने से रोका जा रहा है, उसे पहनने पर पाबंदी लगाई जा रही है। उन पर दवाब बनाया जा रहा है, ये तो महिलाओं के खिलाफ सरासर अन्याय है।'
'महिलाएं हिजाब में नहीं कैद हैं'
जायरा ने कहा है कि 'महिलाएं हिजाब में नहीं कैद हैं, बल्कि वो आपके बनाए सिस्टम में कैद हैं और इसे जानबूझकर महिला सशक्तिकरण का नाम दिया जा रहा है, जो कि बहुत दुखद और परेशान करने वाला है। शिक्षा और हिजाब के बीच फैसला करने की बात करना सरासर गलत है।'

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट
जायरा की ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। मालूम हो कि जायरा वसीम ने आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' में रेसलर बवीता फोगाट के बचपन का रोल प्ले किया है। इसके बाद इन्होंने 'सीक्रेट सुपरस्टार' और 'द स्काई इज पिंक ' जैसी फिल्मों में काम किया था
अचानक से बॉलीवुड को अलविदा कह दिया
लेकिन इसके बाद इन्होंने अचानक से बॉलीवुड को अलविदा कह दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखकर हिंदी सिनेमा को BYE BYE किया था, उन्होंने कहा था कि इस्लाम उन्हें इस तरह के काम की इजाजत नहीं देता इसलिए मैं इसे छोड़ रही हूं।'
क्या है हिजाब विवाद?
दरअसल हिजाब विवाद मामला कर्नाटक से शुरू तब हुआ , जब यहां के उडुपी के महाविद्यालय में 6 लड़कियां पिछले साल दिसंबर में हिजाब पहनकर क्लास में पहुंचीं थीं, जिनसे कहा गया था ' उन्हें स्कूल में हिजाब पहने की जरूरत नहीं है, जिस पर लड़कियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ये उनसे धर्म से जुड़ा हुआ है इसलिए नहीं उतार सकते हैं।'
'जय श्री राम' के नारे
धीरे-धीरे यह विवाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल गया और यही नहीं इसके बाद एक मुस्कान नाम की छात्रा को भी स्कूल के अंदर हिजाब पहनकर जाने से रोका गया था। जब उसने मना किया था तो कुछ शरारती तत्वों ने उसके सामने 'जय श्री राम' के नारे लगाए थे, जिसके जवाब में मु्स्कान ने भी 'अल्लाह हो अकबर' कहा था। इस मामले पर बवाल मच गया और राज्य में हिंसा भी हुई और ये मामला कोर्ट में है।












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