Ghooskhor Pandit Controversy: नीरज पांडे को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, बोले- 'अभिव्यक्ति की आजादी का फायदा'
Ghooskhor Pandit Controversy: नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी का फिल्म 'घूसखोर पंडत' का विवाद अब और गहरा होता जा रहा है। जिसकी वजह से पहले मेकर्स ने अपनी फिल्म का टीजर हटाया और बयान जारी किया। लेकिन फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद इतना गहरा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने इसपर संज्ञान लेते हुए कड़ी आपत्ति जाहिर की है। साथ ही मेकर्स को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह के टाइटल को यूज आप समाज के एक हिस्से को बदनाम क्यों करना चाहते हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरज पांडे से कहा कि आपकी फिल्म का टाइटल नैतिकता और पब्लिक व्यवस्था के खिलाफ है। आप कोर्ट के सामने एक एफिडेविट दाखिल करें। जिसमें आपकी तरफ से ये बताया जाए की आपकी फिल्म 'घूसखोर पंडत' समाज के किसी भी वर्ग का अपमान नहीं करती है। इसके अलावा कोर्ट ने ये भी कहा कि जबतक आप अपनी फिल्म का नया नाम या बदला हुआ नाम नहीं बताते हैं, इसे रिलीज करने की परमिशन हम नहीं देंगे।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, "हमें ये लगता था कि फिल्ममेकर, पत्रकार और अन्य लोग जिम्मेदार होते हैं। ये सभी लोग संविधान के आर्टिकल 19(1)(a) यानी अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को और उसकी सीमाओं को समझते हैं। आप हमें इस फिल्म के नए टाइटल के लिए क्या नाम सुझा रहे हैं। आप अगर अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल समाज के किसी वर्ग को नीचा दिखाने के लिए करेंगे तो इसकी परिमिशन हम नहीं सकते हैं।" बता दें, 'घूसखोर पंडत' विवाद मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। जिसमें ये साफ होगा कि फिल्म की रिलीज में रोक लगेगी या फिर इसका नाम बदला जाएगा।
इस विवाद की शुरुआत 3 फरवरी से हुई है। जब नेटफ्लिक्स ने इस सीरीज का टीजर जारी किया। तभी से इस फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया और इसे बैन करने की मांग की जाने लगी।












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