Dhurandhar:'खोपड़ियों से खेलता था फुटबॉल', कौन था रहमान डकैत? खौफनाक है Akshaye Khanna के किरदार की कहानी
Akshaye Khanna: फिल्म 'धुरंधर' में रहमान डकैत बनकर अक्षय खन्ना ने गर्दा उड़ा दिया है। एक कुख्यात दंरिदे को उन्होंने पर्दे पर इतनी सजीवता से प्रस्तुत किया कि लोगों को उस किरदार से बेइंतहा नफरत और उनसे बेहिसाब मोहब्बत हो गई है। लोग अक्षय खन्ना की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं। फिल्म के ट्रेलर में अक्षय खन्ना को हाईलाइट नहीं किया गया था लेकिन फिल्म की रिलीज होते ही है वो ही चारों ओर मुख्य आकर्षण बन गए हैं।
आपको बता दे पर्दे पर रहमान डकैत जितना खौफनाक दिखता है, उससे कहीं ज्यादा वो असल जिंदगी में डरावना था, जिसके नाम से एक वक्त पर रूहें कांपा करती थीं। कराची का ल्यारी इलाका पाकिस्तान का वह हिस्सा है जो कई दशकों तक गोलियों की तड़तड़ाहट, गैंगों के खूनी टकराव और खौफ की जिंदगी के लिए बदनाम रहा।

यहां के 'गैंग वॉर्स' ने न केवल इस क्षेत्र की शांति को निगल लिया बल्कि पाकिस्तान की राजनीति, पुलिस और समाज पर भी गहरा असर छोड़ा। इस खूनी संघर्ष के केंद्र में एक नाम सबसे ज्यादा उभरा और वो था 'रहमान डकैत'।
'रहमान डकैत की पहुंच थी देश के राष्ट्रपति' (Akshaye Khanna)
'ल्यारी गैंग वॉर्स' की शुरुआत 1990 के दशक में हुई, जब इलाके में कई छोटे-बड़े आपराधिक गिरोह सक्रिय थे। ये गैंग वसूली, हथियारों का धंधा, अपहरण, तस्करी और राजनीतिक पार्टियों के लिए गलत काम करता था। समय के साथ यह इतना बड़ा हो गया कि इसकी पहुंच ना केवल पुलिस और सेना की खुफिया संस्थाओं तक थी बल्कि ये देश के राष्ट्रपति के भी करीब था।
आसिफ जरदारी ने लिया था रहमान डकैत का नाम
बीबीसी की खबर के मुताबिक खुद आसिफ जरदारी ने रहमान डकैत को हिरासत में लेने वाले पुलिस अधिकारी असलम से कहा था कि 'इसके खिलाफ जितने चार्ज हैं उन्हें कोर्ट में पेश करो लेकिन इसका एनकाउंटर नहीं करना है।'

पूरा नाम सरदार अब्दुल रहमान बलूच
आपको बता दें कि रहमान डकैत का पूरा नाम सरदार अब्दुल रहमान बलूच था, रहमान का जन्म 1975 में दाद मुहम्मद और खदीजा बीबी के घर हुआ था। उसके पिता, दाद मुहम्मद और चाचा शेरू, 1964 से ड्रग तस्करी में शामिल थे, जो बाद में एक पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे, वो बचपन से जुर्म की दुनिया में काम करने लगा था। यहां तक कि उसने 19 साल में अपनी मां की हत्या कर दी थी क्योंकि उसे पता चला था कि उसकी मां का किसी और के साथ नाजायज संबंध है और इस कारण उसने उसे गलाघोंटकर मार दिया था।
रहमान डकैत ल्यारी का सबसे पावरफुल डॉन (Akshaye Khanna)
ल्यारी में उसे बलोच बिरादरी का समर्थन मिला और वो धीरे-धीरे स्थानीय हीरो बन गया, जिसकी वजह से वो रहमान डकैत कहलाने लग गया। उसके बारे में कहा जाता है कि वो लोगों को मारने के बाद उनकी खोपड़ियों से फुटबॉल की तरह खेला करता था। साल 2003-04 तक रहमान डकैत ल्यारी का सबसे 'पावरफुल डॉन' बन गया था। वो PPP के काफी करीब था, एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक वो बेनजीर भुट्टो के विश्वासपात्र लोगों में शामिल था।

कराची पुलिस के साथ शूटआउट में डकैत मारा गया
लेकिन अगस्त 2009 को कराची पुलिस के साथ शूटआउट में डकैत मारा गया। ज़ुल्फ़िकार मिर्ज़ा ने एक बयान दिया जिसमें उसने कहा कि उसने ही रहमान को मारा था, लेकिन साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे इस काम के लिए बुरा लगा। कहते हैं कि डकैत को 22 गोलियां लगी थी लेकिन उसकी पत्नी ने कहा था कि ये एनकाउंटर फेक है, डकैत को किडनैप करके मारा गया है। फिलहाल आज भी वो ल्यारी के 'रॉबिन हुड' के नाम से जाना जाता है।












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