Dhurandhar Akshaye Khanna Religion: पापा हिंदू-पंजाबी, मम्मी पारसी तो फिर अक्षय खन्ना का धर्म क्या है?
Dhurandhar Akshaye Khanna Religion: रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की 'धुरंधर' ने 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी लेकिन 10 दिनो के अंदर ही इस फिल्म ने बॉक्सऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया है। फिल्म ने 350 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, चारों ओर इस फिल्म की धूम है तो वहीं सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम तक केवल एक ही इंसान छाया हुआ है और वो है अक्षय खन्ना।
फिल्म में अक्षय खन्ना ने 'रहमान डकैत' यानी कि खलनायक का रोल प्ले किया है और सच कहा जाए तो वो अपने अभिनय के दम पर फिल्म के हीरो रणवीर सिंह पर भारी पड़ गए हैं। अक्षय खन्ना ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि एक्टिंग उनके खून में हैं।

मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के छोटे बेटे अक्षय खन्ना की इस वक्त चारों ओर तारीफ हो रही है। 90 के दशक में हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाले अक्षय खन्ना कभी भी स्टार रेस में शामिल नहीं रहे लेकिन अपने संजिदा अभिनय और प्रभावशाली लुक से उन्होंने फिल्मी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
Akshaye Khanna के पिता ने बनाई थी फिल्म 'हिमालयपुत्र'
गौरतलब है कि अक्षय खन्ना जब बहुत छोटे थे तब ही अपने पापा विनोद खन्ना से अलग हो गए थे लेकिन उनके पिता ने अपने आप को बच्चों से कभी अलग नहीं किया, यहां तक कि उन्होंने ही अक्षय को बॉलीवुड में लॉन्च करने के लिए 'हिमालयपुत्र' फिल्म बनाई थी।
विनोद खन्ना ने पारसी गीतांजलि से की शादी
गौरतलब है कि विनोद खन्ना हिंदी सिनेमा के सबसे हैंडसम और टैलेंट एक्टर्स में से एक थे। 70-80 के दशक में वो नंबर वन स्टार्स थे, उनके आगे उस वक्त अमिताभ बच्चन भी फीके थे। 1971 में उन्होंने बेहद ही हसीन मॉडल गीतांजलि तलेयारखान से शादी की थी, ये उनका प्रेम विवाह था।
मशहूर कमेंटेटर की बेटी थीं गीतांजलि
गीतांजलि तलेयारखान मशहूर कमेंटेटर ए.एफ.एस. तलेयारखान की बेटी थीं। विनोद खन्ना पंजाबी हिंदू-परिवार से थे और गीतांजलि तलेयारखान पारसी फैमिली थी, उस वक्त ये शादी काफी चर्चित थी, इस शादी से विनोद खन्ना और गीतांजलि को दो पुत्र राहुल और अक्षय खन्ना हुए हैं। अक्षय की मां भले ही पारसी थीं लेकिन अक्षय का पालन पोषण हिंदू-पंजाबी रिवाज से ही हुआ है, वो खुद भी हमेशा अपने आप को हिंदू-पंजाबी ही कहते है।
साल 1982 में विनोद खन्ना ने संन्यास ले लिया
करियर के पीक पर विनोद खन्ना ने फिल्मी दुनिया छोड़ दी और वो ओशो की शरण में चले गए , जिसके बाद गीतांजलि के ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आ गई और यही वजह विनोद से उनके अलगाव की वजह बनी। साल 1982 में विनोद खन्ना ने संन्यास ले लिया और ओशो के आश्रम को ज्वाइन कर लिया। जिसके बाद गीतांजलि ने तंग आकर उनसे तलाक ले लिया, हालांकि 5 साल बाद जवो वापस लौटे लेकिन तब तक तो उनका परिवार उनसे बहुत दूर जा चुका था।
Akshaye Khanna पर पड़ी पति-पत्नी के कड़वे रिश्ते की छाप
जिस वक्त विनोद खन्ना और गीतांजलि अलग हुए उस वक्त अक्षय की उम्र मात्र 12 साल थी, हालांकि वो अपने मां के काफी करीब रहे लेकिन उनकी मनोस्थिति पर पति-पत्नी के कड़वे रिश्ते की छाप पड़ी है शायद इसी वजह से ही उन्होंने आज तक शादी नहीं की, हालांकि वो कभी भी अपनी पर्सनल बातों से लोगों से शेयर नहीं करते हैं।
विनोद खन्ना ने की दूसरी शादी, गीतांजलि रहीं सिंगल
1990 में विनोद खन्ना ने Kavita Daftary से दूसरी शादी कर ली, जो कि उद्योगपति Sharayu Daftary की बेटी हैं और इस शादी से भी विनोद खन्ना को दो बच्चे ( एक बेटा और एक बेटी) हैं। जबकि विनोद खन्ना से अलग होने के बाद भी गीतांजलि ने दूसरी शादी नहीं की, उनका निधन साल 2018 में हुआ।
'धुरंधर' से Akshaye Khanna ने रचा सफलता का नया इतिहास
मालूम हो कि अक्षय खन्ना ने साल 1997 में फिल्म 'हिमालय पुत्र' से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन अक्षय की एक्टिंग को सराहा गया। इसके बाद आई फिल्म 'बॉर्डर' में उनकी भूमिका ने उन्हें पहचान दिलाई और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) मिला। 'ताल', 'दिल चाहता है', 'हंगामा', 'हलचल' और 'हुलचुल' जैसी फिल्मों में उन्होंने रोमांटिक और कॉमिक भूमिकाएं निभाईं, जबकि'गांधी, माय फादर', 'सेक्शन 375', 'इत्तेफाक', 'दृश्यम 2' और 'छावा' जैसी फिल्मों में उनकी गंभीर और परिपक्व अभिनय शैली देखने को मिली और 'धुरंधर' में उन्होंने निगेटिव किरदार को प्ले करके सफलता का नया इतिहास लिख दिया।















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