Chhath 2025: अक्षरा सिंह की नहीं हुई शादी, फिर कैसे कर रहीं छठ पूजा? एक्ट्रेस ने दिया ऐसा बयान, लोग हुए हैरान
Chhath 2025 Akshara Singh: छठ पूजा का पवित्र पर्व इस साल भी पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हर ओर व्रती महिलाएं सूर्य देव और छठी मैया की आराधना में लीन हैं।
अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने किया छठ व्रत
ऐसे में भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री अक्षरा सिंह भी इस साल पूरी आस्था और समर्पण के साथ इस पर्व को मनाती दिखीं। उन्होंने न केवल सभी पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया बल्कि अपनी सादगी और भक्ति से फैंस का दिल जीत लिया है।

अक्षरा सिंह ने घाट पर दिया सूर्य को अर्घ्य
-अक्षरा सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह घाट पर डुबकी लगाकर सूर्य को अर्घ्य देती नजर आ रही हैं। वीडियो में उनके चेहरे पर शांति, भक्ति और सुकून साफ झलक रहा है। उन्होंने पारंपरिक हरे रंग की साड़ी पहनी हुई है, बाल बंधे हैं और माथे पर हल्की सिंदूर की रेखा उनके लुक को और भी आध्यात्मिक बना रही है।
-फैंस अक्षरा सिंह की सादगी और आस्था की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है- बिना किसी मेकअप के भी इतनी खूबसूरत लगना सिर्फ अक्षरा सिंह के बस की बात है।
नहाय-खाय की तस्वीरों से शुरू हुई पूजा
-अक्षरा सिंह ने छठ पूजा के पहले दिन की झलक भी अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। उन्होंने नहाय-खाय के अवसर पर खुद अपने हाथों से भोजन तैयार किया था। तस्वीरों में वह जमीन पर बैठकर पारंपरिक तरीके से खाना बनाती दिखाई दे रही थीं।
-इस पोस्ट के साथ अक्षरा सिंह ने लिखा था- पवित्रता का पहला पड़ाव, नहाय-खाय से शुरू हुआ आस्था का प्रवाह। जय छठी मैया की। उनका ये भावुक कैप्शन और सादगी भरा रूप फैंस के दिलों को छू गया था।
'भक्ति के लिए शादीशुदा होना जरूरी नहीं'
-अक्षरा सिंह ने इस साल लगातार दूसरा छठ व्रत रखा है। वह शादीशुदा नहीं हैं लेकिन फिर भी पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर उठे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा- लोग पूछते हैं कि मैं शादीशुदा नहीं हूं तो छठ पूजा क्यों करती हूं? लेकिन मेरा मानना है कि भक्ति किसी बंधन में नहीं बंधती।
-अक्षरा सिंह ने आगे कहा- क्या पूजा सिर्फ बच्चे या पति की कामना के लिए की जाती है? अगर लड़के शादीशुदा न होते हुए भी छठ कर सकते हैं तो लड़कियां क्यों नहीं कर सकतीं?
-अक्षरा सिंह ने कहा- आस्था इंसान के भीतर होती है, उसका रिश्ता भगवान से होता है, समाज से नहीं। छठी मां ने मुझे इतनी हिम्मत दी है कि अब मैं हर साल ये व्रत पूरे मन से करती हूं।
बचपन की याद और मां की सीख
-अक्षरा सिंह ने एएनआई से बातचीत में बताया कि वह बचपन से ही छठ पूजा का माहौल देखती आई हैं। उन्होंने कहा- जब मैं करीब पांच साल की थी, तब हर जगह शारदा सिन्हा जी का गाना चुगला करे चुगली, बिलइया करे म्याऊं बजता था। मैं उस पर ताली बजाकर हंसती थी क्योंकि मुझे उसका मतलब नहीं पता था।
-अक्षरा सिंह ने आगे कहा- तभी मेरी मां ने गुस्से में मुझे खूब डांटा और मार भी पड़ी थी। उन्होंने कुछ समझाया नहीं लेकिन उस मार ने मुझे ये समझा दिया था कि इस पर्व की कितनी गहराई और पवित्रता है। तब से मैंने इसे दिल से अपनाया था।
छठ महापर्व पर रिलीज हुआ गाना 'केलवा' के पात
-छठ पर्व के मौके पर अक्षरा सिंह का नया गाना 'केलवा के पात' रिलीज हुआ है जिसे दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। इस गाने में भी उन्होंने छठी मैया के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को खूबसूरती से दिखाया है।
-बिना किसी दिखावे के सच्चे मन से व्रत करने वाली अक्षरा सिंह ने एक बार फिर ये साबित किया है कि आस्था कभी रिश्ते या स्थिति पर निर्भर नहीं होती। उनका ये सरल और श्रद्धा से भरा रूप न केवल फैंस बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो भगवान में सच्चे विश्वास से जुड़ा हुआ है।












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