Call Me Bae Review: अनन्या पांडे की इस वेब सीरीज को देखने से पहले पढ़ें ये रिव्यू, कहीं देनी ने पड़े 'परीक्षा'
वेब सीरीज- कॉल मी बे
स्टारकास्ट- अनन्या पांडे, वीर दास, वरुण सूद, गुरफतेह पीरजादा
डायरेक्टर- कॉलिन डी' कुन्हा
ओटीटी प्लेटफॉर्म- अमेजन प्राइम वीडियो
स्टार- **
Call Me Bae Review: बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे का फिल्मी करियर कुछ खास नहीं रहा है। उनकी ज्यादातर फिल्में फ्लॉप ही साबित हुई हैं। वहीं इस बार उन्हें 'कॉल मी बे' के जरिए वेब सीरीज की दुनिया में कदम रखा है। ये सीरीज आज यानी 6 सितंबर 2024 से ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।
अनन्या पांडे की इस वेब सीरीज में कुल 8 एपिसोड्स हैं। एक एपिसोड 35 से 40 मिनट का है। पूरी सीरीज अनन्या के किरदार 'बे' के इर्द-गिर्द घूमती है। लेकिन पूरी सीरीज देखने के बाद आपको ये महसूस हो सकता है कि आपके सब्र की एक कठिन परीक्षा ली गई है। हो सकता है कि आपको इस सीरीज को मजबूरी में झेलना पड़े।

वेब सीरीज की कहानी
बेला चौधरी यानी 'बे' एक अमीर बिजनेसमैन की पत्नी है, लेकिन अचानक एक दिन वह महल से निकलकर सीधे सड़क पर आ जाती है। फिर वो एक न्यूज चैनल में इंटर्न बन जाती है और एक स्टोरी के पीछे पड़ती है। फिर क्या होता है, क्या वो उस स्टोरी को पूरा कर पाती है, क्या उसे अपनी अमीरी वाली जिंदगी फिर मिलती है, इस कहानी को अगर आप 8 एपिसोड्स में देखना चाहते हैं तो आपकी हिम्मत की दाद देनी होगी।
कैसी है वेब सीरीज
-इस सीरीज को देखकर लगा कि इसका नाम 'कॉल मी बे' की जगह 'कॉल मी बकवास' या 'कॉल मी बोरिंग' होना चाहिए था। सीरीज के लिए 8 एपिसोड इतने ज्यादा हो जाते हैं कि कुछ तो झेले ही नहीं जा सकते।
-सीरीज में कुछ इस तरह के सीन्स दिखाए गए हैं जिन्हें देखकर आपको लगता है कि ये क्या हो रहा है। सीरीज का स्क्रीनप्ले बहुत ही खराब है।
-इस वेब सीरीज को अगर 3 या 4 एपिसोड में निपटा दिया जाता तो ये कुछ हद तक अच्छी हो सकती थी, लेकिन इसे बेवजह खींचा गया है। कहानी भी कुछ ऐसी खास नहीं है जो आपके दिल को छू सके।
स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-अनन्या पांडे की एक्टिंग ठीक ठाक है। कई जगह वो कुछ ऐसे पंच मारती हैं जो मजेदार लगते हैं लेकिन ऐसा बहुत कम ही होता है। कमजोर राइटिंग के आगे वो कुछ नहीं कर पाई हैं।
- वहीं वीर दास ने एक न्यूज एंकर के तौर पर ओवर द टॉप एक्टिंग की है और कहीं-कहीं लगता है कि ये तो कुछ ज्यादा ही हो रहा है।
- गुरफतेह पीरजादा का काम अच्छा है। वरुण सूद भी अच्छे लगे हैं। सीरीज की स्क्रिप्ट राइटिंग ही ठीक नहीं थी।
डायरेक्शन
इशिता मोइत्रा ने इस सीरीज को क्रिएट किया है और कॉलिन डी' कुन्हा ने इसे डायरेक्ट किया है। ये लोग अपना काम ठीक से नहीं कर पाए हैं। इन्हें सीरीज की राइटिंग पर और काम करना चाहिए था। कुल मिलाकर ये सीरीज आपका टाइम पास भी नहीं करती तो आप देखने से पहले जरूर सोच लें।












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