पद्मश्री किसान महिला के जीवन पर आधारित है धारावाहिक 'कस्तूरी’, दर्शकों का मिल रहा भरपूर प्यार
6 जून को एमएक्स प्लेयर पर प्रसारित हुआ धारावाहिक ‘कस्तूरी’ खूब वाहवाही लूट रहा है। किसान महिला की जिंदगी पर आधारित इस सीरियल को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है।
मुंबई, 12 जून: दर्शकों के लिए धारावाहिक 'कस्तूरी' एमएक्स प्लेयर पर प्रसारित हो चुका है। इस धारावाहिक को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। बीते दिनों सीरियल के निर्माता राजीव सिंह और चैनल हेड अनुज कपूर ने प्रेस पार्ता के दौरान जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि ये शो एक महिला के संघर्ष, उसकी विफलता, उसकी सफलता, उसकी कभी न खत्म होने वाली भावना और जीवन जीने के उसके दृढ़ संकल्प को दिखाता है। इसके साथ ही पद्म श्री राज कुमारी ने भी धारावाहिक को लेकर अपने विचार रखे और कहा कि ये धारावाहिक उनके जीवन से प्रेरित है।

महिला की कहानी पर है आधारित
सीरियल को लेकर जानकारी देते हुए प्रेस वार्ता में अनुज कपूर और राजीव सिंह ने बताया कि ये एक सच्ची कहानी है, जो एक महिला से प्रेरित है। ये महिला जैसा हमेशा से चाहती थी, उस तरीके से जीवन जीने के लिए लड़ती है। उन्होंने बताया कि ये शो उस महिला के संघर्ष, उसकी विफलता, उसकी सफलता, उसकी कभी न खत्म होने वाली भावना और सबसे अहम बात, जीने के उसके दृढ़ संकल्प को दिखाता है।

'पीपल फर्स्ट' है चैनल का आधार
'आजाद' चैनल को लेकर उन्होंने बताया कि ये भारत का पहला एंटरटेनमेंट चैनल है, जो 'ग्रामीण मानसिकता' पर आधारित है। इसका आधार 'पीपल फर्स्ट' है। उन्होंने कहा कि आजाद दर्शकों की आकांक्षाओं के साथ अपनी मजबूत इच्छा शक्ति लेकर ही दर्शकों तक पहुंचते हैं। इसकी कहानियों में ग्रामीण ताना-बाना औऱ संस्कृति में अंतर्निहित नई कहानियां शामिल होती हैं, जो 'आजाद' और 'एमएक्स प्लेयर' के जरिये दर्शकों तक पहुंचाई जाती हैं।

राज कुमारी देवी के जीवन से है प्रेरित
धारावाहिक एक किसान महिला से प्रेरित है, जिनका नाम राज कुमारी देवी है। पद्म श्री राजकुमारी धारावाहिक को लेकर अपने विचार रखती हैं और कहती हैं कि ये धारावाहिक उनके जीवन से प्रेरित है, जिसकी शुरुआत 6 जून को हो चुकी है। वे सबसे इस धारावाहिक को देखने का आग्रह भी करती हैं।

ग्रामीण लोगों के साथ जुड़ना है उद्देश्य
'रूरल फर्स्ट', संगठन के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे बताया कि उनके लिए ग्रामीण भारत ही वास्तविक भारत है, जिसमें आशा औऱ आकांक्षा से भरपूर कहानियां बनाने पर जोर दिया गया है। ये वर्ग, जाति, धर्म और भूगोल की मानव निर्मित सीमाओं से बंटा हुआ बिल्कुल भी नहीं है। उनका उद्देश्य सिर्फ ग्रामीण लोगों को आकर्षित करना, उनके साथ खास जुड़ाव बनाना और उनकी गहरी समझ को विकसित करना है।












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