Anand Sagar Demise: रामायण बनाने वाले रामानंद सागर के बेटे का निधन, टीवी और फिल्मों में खेली थी लंबी पारी
Anand Sagar Demise: भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री के लिए 13 फरवरी का दिन सदमा देने वाला साबित हुआ। दिग्गज फिल्मकार रामानंद सागर के पुत्र और 'सागर आर्ट्स' की दूसरी पीढ़ी के कर्ता-धर्ता आनंद सागर का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने मुंबई के अपने आवास में अंतिम सांस ली।
परिवार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में उनके निधन की पुष्टि की गई। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस हिंदू श्मशान भूमि में शुक्रवार शाम 4:30 बजे किया गया। उनके जाने की खबर से एंटरटेनमेंट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

Anand Sagar Demise: टीवी और फिल्मों में खेली थी लंबी पारी
आनंद सागर ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए भारतीय टेलीविजन को कई यादगार प्रोजेक्ट्स दिए। 2008 में प्रसारित 'रामायण' के नए संस्करण में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पौराणिक कथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया। इसके अलावा 'अलिफ लैला' जैसे लोकप्रिय धारावाहिक और 'आंखें' व 'अरमान' जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने सागर परिवार की पहचान को और मजबूत किया। उन्होंने मनोरंजन के साथ ही भारतीय मूल्यों को बढ़ाने का काम किया था।
विले पार्ले में किया गया अंतिम संस्कार
परिवार ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि विले पार्ले के श्मशान गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसमें परिवार के अलावा कुछ करीबी लोग ही शामिल हुए। तकनीकी रूप से सशक्त प्रोडक्शन और भव्य प्रस्तुति उनकी खासियत रही। 1980 के दशक में जिस तरह 'रामायण' ने भारतीय टीवी पर इतिहास रचा था, उसी परंपरा को 21वीं सदी में आगे बढ़ाने में आनंद सागर का बड़ा योगदान रहा। उनके परिवार में पत्नी निशा सागर और बच्चे हैं, जो अब उनकी रचनात्मक विरासत को आगे ले जाएंगे। उनके निधन पर फिल्म और टीवी जगत के सितारों ने शोक जताया है।












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