अयोध्या राम मंदिर के प्रधान पुजारी ने 'आदिपुरुष' को बैन करने की मांग की, कहा- 'फिल्म बनाना अपराध नहीं पर...'
Adipurush: अयोध्या राम मंदिर के प्रधान पुजारी ने 'आदिपुरुष' को बैन करने की मांग की, कहा- 'फिल्म बनाना कोई, अपराध नहीं...'
अयोध्या, 06 अक्टूबर: Adipurush Teaser Controversy: अभिनेता प्रभास की आने वाली फिल्म 'आदिपुरुष' (Adipurush) को लेकर विवाद जारी है। फिल्म 'आदिपुरुष' भगवान राम के जीवन पर आधारित है। फिल्म'आदिपुरुष' के टीजर को लेकर भगवान राम, हनुमान और रावण के कथित गलत चित्रण पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी ने फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अयोध्या राम मंदिर के प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि भगवान राम, हनुमान और रावण का चित्रण महाकाव्य के अनुरूप नहीं है और इसलिए ये फिल्म उनकी गरिमा के खिलाफ है। फिल्म 'आदिपुरुष' का 1.46 मिनट का टीजर बीते हफ्ते अयोध्या में रिलीज हो गया है, जिसको लेकर विवाद बढ़ गया है।

'फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं लेकिन...'
अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन उन्हें सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए। फिल्म 'आदिपुरुष' में जो भगवान राम, भगवान हनुमान और रावण का जो किरदार और लुक दिखाया गया है वो महाकाव्य अनुसार नहीं है।

'हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अनादर बर्दाश्त नहीं...'
इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने फिल्म 'आदिपुरुष' के टीजर की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अनादर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ब्रजेश पाठक बोले, ''संतों ने जो कुछ भी कहा है, उस पर ध्यान देने की जरूरत है। फिल्मों ने अक्सर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जब भी हमारी संस्कृति पर हमला हुआ, इन्हीं संतों और अखाड़ों ने हमारी संस्कृति को बचाया। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है।''
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ''मैंने अभी तक टीजर नहीं देखा लेकिन अगर इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो इसे दर्शकों के सामने पेश करने से पहले ठीक करने की जरूरत है।''

'रावण के चरित्र को बनाने के लिए कई रिसर्च नहीं किया...'
इससे पहले भाजपा प्रवक्ता मालविका अविनाश ने कहा कि फिल्म के निर्माताओं ने रावण के चरित्र को बनाने से पहले कोई रिसर्च नहीं किया है। उन्होंने कहा, ''तस्वीर में जो रावण, मुझे दिखाई दे रहा है, वह एक ऐसा व्यक्ति है, जो कुछ भी भारतीय नहीं दिखता, नीली आंखों का मेकअप है और चमड़े की जैकेट पहने हुए है। ये हमारा इतिहास नहीं है, जो वे प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वे इसे रचनात्मक स्वतंत्रता की आड़ में कुछ भी नहीं दिखा सकते हैं।''

विश्व हिंदू परिषद ने कहा, 'ये लोग हिंदू धर्म का मजाक बना रहे हैं...'
बता दें कि फिल्म में सैफ अली खान रावण के रूप में नजर आएंगे जबकि प्रभास भगवान राम हैं और कृति सनेन सीता बनी हैं। विश्व हिंदू परिषद ने टीजर पर आपत्ति जताई और कहा कि जिस तरह से भगवान राम, रावण और लक्ष्मण को चित्रित किया गया है वह हिंदू धर्म का मजाक है। विहिप की संभल इकाई के प्रचार प्रमुख अजय शर्मा ने कहा, "हिंदू समाज के मूल्यों का मजाक उड़ाया गया है। हिंदू समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। विहिप इस फिल्म को सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं होने देगी।"

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री बोले- 'हनुमान जी को चमड़ा पहने दिखाया गया...'
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने हिंदू धार्मिक आंकड़ों को गलत तरीके से दिखाने वाले दृश्यों को नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ''हनुमान जी को चमड़ा पहने दिखाया गया है, जबकि देवता की वेशभूषा का वर्णन (शास्त्रों में) अलग है। ये ऐसे दृश्य हैं जो धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं। फिल्म से ऐसे सभी सीन हटाने के लिए मैं ओम राउत को पत्र लिख रहा हूं। अगर नहीं हटाया गया तो हम कानूनी कार्रवाई पर विचार करेंगे।'












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