आंदोलन की राह पर छत्तीसगढ़ के शिक्षक, संविलियन की सौगात के बाद जानिए...अब किस बात से हैं नाराज

प्रदेश भर के शिक्षको ने 25 जुलाई से प्रदेश भर में आन्दोलन का एलान कर दिया है। शिक्षकों के अनुसार सरकार द्वारा उन्हें डीए व एचआरए का भुगतान सही समय पर नही किया जा रहा है।

दुर्ग, 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ में शिक्षक एक बार फिर नाराज हो गए हैं। पिछली बार लंबे समय के संघर्ष के बाद उन्हें सरकार ने संविलियन की सौगात दी थी। जिसके बाद डेढ़ लाख शिक्षाकर्मियों का आंदोलन समाप्त हुआ था। शिक्षाकर्मी अब शिक्षक बन चुके हैं। उनका पंचायत विभाग से शिक्षा विभाग में समायोजन भी हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी शिक्षको ने 25 जुलाई से प्रदेश भर में आन्दोलन का एलान कर दिया है।

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25 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल
प्रदेश भर के कर्मचारियों की एकता के लिए वीरेंद्र दुबे, संजय शर्मा ,विकास राजपूत ने सभी संघो की समान भूमिका व सामूहिक नेतृत्व में डीए व एचआरए की मांग को लेकर 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। और प्रदेश के सभी संघ के प्रदेश अध्यक्षो को आंदोलन के लिए हड़ताल में शामिल होने की अपील की है।

शिक्षकों को फिर क्यों पड़ी आंदोलन की जरूरत
छ. ग. शालेय शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के अनुसार सरकार द्वारा उन्हें डीए व एचआरए का भुगतान सही समय पर नही किया जा रहा है। प्रदेश में महंगाई भत्ता व सातवे वेतनमान के अनुरूप गृहभाड़ा भत्ता की मांग को लेकर समस्त कर्मचारियों में सरकार की हठधर्मिता को लेकर गहरा आक्रोश है व लगातार अलग अलग बैनर तले धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को शासन के समक्ष रख रहे हैं। किंतु सरकार द्वारा अभी इनकी किसी मांग को पूर्ण नही किया गया है।

DA व HRA को लेकर शिक्षको की क्या है मांग
वीरेंद्र दुबे के अनुसार वित्तीय वर्ष जनवरी 2020 में सरकार ने उन्हें सिर्फ 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया है। जबकि साल 2020- 21में कुल मिलाकर कुल 12 प्रतिशत मंहगाई भत्ता लंबित है, और कर्मचारियों को अभी भी 6 वें वेतनमान के अनुरूप गृहभाडा़ भत्ता मिल रहा है, जिसके कारण समस्त शासकीय कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 4000 रुपए से 16000 रुपए की आर्थिक क्षति हो रही है।

बच्चों की पढ़ाई होगी प्रभावित

क्योंकि इस तरह शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से एक बार फिर शासकीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। वर्तमान में शिक्षण सत्र शुरू हुआ है, और ऐसे समय में बच्चों के क्लास में शिक्षक नहीं होंगे तब उन्हे परेशानियों से जूझना पड़ेगा, आगामी स्कूली परीक्षा में भी इसका असर साफ देखने को मिलेगा

एक मंच पर नजर आए बिखरे हुए शिक्षक नेता
प्रदेश में शिक्षाकर्मीयों के संविलियन में अहम भूमिका निभाने वाले और आंदोलन के बड़े चेहरे रहे छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा, शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत अब अचानक एक मंच पर आ गए हैं और अपनी एकता दिखाते हुए आंदोलन का एलान कर दिया। और सभी संगठनों को एक मंच पर आने की अपील की है।

विधायकों का बढ़ गया वेतन लेकिन शिक्षको का नही
शिक्षकों को पिछले 2 कैबिनेट की बैठक से यह उम्मीद थी कि उनके बारे में सरकार विचार करेगी और उन्हें महंगाई भत्ता व आवास अलाउंस में वृद्धि का तोहफा देगी लेकिन इन कैबिनेट की बैठकों में सरकार ने अपने विधायकों का ही वेतन भत्ता बढ़ा दिया। अब शिक्षक व कर्मचारी भी मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करते हुए 34% महंगाई भत्ता व 7 वे वेतनमान के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता ले सकते है।

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