SAIL को चार गुना अधिक मुनाफा, फिर भी 22 हजार बोनस, यूनियनों ने ठुकराया प्रस्ताव
दुर्ग, 20 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में स्थित सेल की ध्वज वाहक इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र में त्योहारी सीजन में मिलने वाले बोनस को लेकर घमासान मचा हुआ है। बोनस के लिए सेल के द्वारा सभी इस्पात संयंत्रों के यूनियन नेताओं की बुलाई गई बैठक बेनतीजा रही। लगभग 5 घण्टे चर्चा के बाद यूनियन नेताओं ने सेल प्रबंधन के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। अब इसके बाद 24 सितम्बर को अगली बैठक बुलाई गई है। फिलहाल कर्मचारी 63 हजार रुपये की बोनस की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।

21 हजार रुपये बोनस का दिया था प्रस्ताव
भिलाई इस्पात संयंत्र एवं सेल के अंतर्गत सभी इस्पात संयंत्रो के कर्मचारियों को सेल के अधिकारियों ने बैठक में पूर्व की तरह से 21 हजार रुपये बोनस (एक्सग्रेसिया) देने का प्रस्ताव दिया। लेकिन कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। थोड़ी देर बाद प्रबंधन ने उसे बढ़ाकर 22 हजार रुपए देने की बात कही। लेकिन यूनियन नेताओं ने एक राय होकर पहले 84 हजार रुपए और फिर बाद में 63 हजार रुपए बोनस की मांग रखी।

सेल के प्रॉफिट के आधार पर मिले 4 गुना बोनस
नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (NJCS) के कोर ग्रुप की बैठक में यूनियन नेताओं ने सेल के परफॉर्मेंस इंसेंटिव स्कीम एसपीआईएस के आधार पर बोनस की मांग की। सभी यूनियनों ने एक राय होकर कहा कि SAIL को पिछली बार से मुनाफा 4 गुना अधिक हुआ है। पिछली बार 21 हजार रुपए बोनस दिया गया था। अब 84 हजार रुपए दिया जाए।
सेल ने ग्लोबल मार्केट का दिया हवाला
वही सेल प्रबंधन ने कर्मचारियों को सेल की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि आने वाली छमाही में सेल विपरीत परिस्थिति में होगा। ग्लोबल मार्केट की वजह से सेल के प्रॉफिट पर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं प्रोडक्टिविटी में सिर्फ 19% का ही ग्रोथ दर्ज किया गया है। इस वजह से पिछली बार की तरह ही21000 बोनस दिया जा सकता है। दरअसल इस बार तेल को 16039 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है। साल 2021 में यह प्रॉफिट 6879 करोड़ था। जिसके चलते कर्मचारी यूनियन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

14 सालों में सिर्फ 5 हजार रुपये की हुई वृद्धि
बीते 14 सालों में सेल प्रबन्धन के बोनस की अगर बात करें, तो साल 2008 से 2021 तक सिर्फ ₹5000 का अंतर देखने को मिला है। लेकिन इस बार यूनियनों ने 63 हजार बोनस की मांग की है। सेल प्रबंधन भी यूनियनों से बीच का रास्ता निकालने पर लगा हुआ है। लेकिन इस बात पर आम सहमति बनती नजर नहीं आ रही है। अगर सहमति नहीं बनी तो सेल प्रबंधन सीधे कर्मचारियों के खाते में बोनस डाल सकता है, क्योंकि एक बार ऐसा प्रबंधन कर चुका है।
बैठक में शामिल हुए यह सभी यूनियनें
इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी का कहना है कि सभी यूनियनों ने एकमत होकर सेल प्रबंधन से कर्मियों के लिए 63 हजार बोनस मांग की है। प्रबंधन 22 हजार का प्रस्ताव दिया। जिसे अस्वीकार कर दिया गया। अब 24 को बैठक में ही तय किया जाएगा। इस बैठक में इंटक से बीएन चौबे, एटक से डी आदिनारायण, रामाश्रय प्रसाद सिंह, एचएमएस से संजय वाधोकर, राजेंद्र सिंह, सीटू ललित मोहन मिश्रा, विश्वरूप बनर्जी, बीएमएस से डीके पाण्डेय, रंजन कुमार व प्रबंधन से केके सिंह, वित्त से एके तुलसयानी मौजूद थे।












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