लाल आतंक वाले मानपुर के गांवों तक पहुंची सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ उन्नति की राह हुई आसान
महाराष्ट्र की सीमा से लगने वाले इलाके व घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र मदनवाड़ा, पानाबरस, भोजटोला जैसे गांवों में सड़कें पहुंच रही है। जिसे देखकर ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीद जागी है। खासकर घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में
राजनांदगांव, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित मानपुर मोहला जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में लंबे समय से नक्सलियों का दबदबा रहा है। जिसके चलते यहां विकास के हर प्रयास असफल रहे। लेकिन समय के साथ साथ अब यहां के ग्रामीणों के लिए अन्य जिलों की तरह विकास की राह पर चलने सड़के तैयार की जा रही है। महाराष्ट्र की सीमा से लगने वाले इलाके व घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र मदनवाड़ा, पानाबरस, भोजटोला जैसे गांवों में सड़कें पहुंच रही है। जिसे देखकर ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीद जागी है। खासकर घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इन रास्तों के बहुत मायने हैं।

लंबे समय तक रहा नक्सलियों का दबदबा
वर्तमान में नव गठित मानपुर मोहला जिले व महाराष्ट्र की सीमा से लगे क्षेत्रों में नक्सलियों के हिंसक गतिविधियों के कारण लंबे समय तक विकास अवरूद्ध रहा। रोड कनेक्टीविटी बनाने कोशिश पर हमेशा नक्सली बाधा बनते रहें हैं। नक्सलियों ने कई निर्माण एजेंसियों के वाहनों को जलाकर व कर्मचारियों की हत्या कर निर्माण कार्य रोकने की कोशिस करते रहे। आज भी गांवों में ग्रामीणों को धमकाकर राशन व अन्य सामग्री लेने नक्सली पहुंचते हैं। इन सबको के कई नये आयाम खुल रहे हैं।
40 करोड़ रुपए की लागत से वनांचलों में बनी सड़कें
जिले के वनांचल क्षेत्र मोहला-मानपुर मे RCPLW, RRP-2 योजना के तहत 24 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से कोहका-सीतागांव-औंधी-मुरूमगांव मार्ग का निर्माण किया गया है। 33.50 किलोमीटर लंबे इस सड़क में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य किया गया है। विकासखण्ड मानपुर के अंतर्गत 3 करोड़ 62 लाख 99 हजार रूपए की लागत से कोरकोट्टी जंक्शन से कनेली मार्ग का निर्माण किया गया है। जिसकी लंबाई 7.30 किलोमीटर है। इसी तरह 11 करोड़ 89 लाख रूपए की लागत स पानाबरस, परवीडीह, भोजटोला मार्ग का निर्माण किया गया है, जिसकी लंबाई 30.20 किलोमीटर है।
सड़क निर्माण से ग्रामीणो को मिला लाभ
इस मार्ग के निर्माण होने से ग्राम कोहका, कंदाड़ी, हलोरा, लेखेपाल, सीतागांव, सेंडावाही, गढ़दोमी, डोंगरगांव, आलकन्हार, साल्हेभट्टी, औंधी के ग्रामवासियों को एवं आस-पास के लगभग 40 गांवों को अप्रत्यक्ष रूप से सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त हो रही है। दूरस्थ घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन द्वारा सड़क निर्माण से खुशहाली और उन्नति की राहें खुली है।
किसान व स्वास्थ्य सुविधा में होगी वृद्धि
यम सड़कों के निर्माण से कृषि कार्य में किसानों को खाद बीज रासायन सबंधी जानकारी लेने में लाभ ही रहा हैं। साथ ही महतारी एक्सप्रेस एवं दुर्घटना की स्थिति में 112 की गाड़ी शीघ्र ही ग्रामीणों तक पहुंच पा रही है। जिससे समय पर प्रसव व आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रहा है।
जिला मुख्यालय पहुंचने में होगी आसानी
यह अंतर्राज्यीय मार्ग होने के कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश को महाराष्ट्र से जोड़ता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मार्ग निर्माण से क्षेत्र के ग्रामवासियों को ब्लाक एवं जिला मुख्यालय पहुंचने में सुविधा हो रही है। सड़कों के निर्माण से अधोसंरचना मजबूत हुई इसके साथ ही बुनियादी सुविधाएं शिक्षा, पेयजल, खाद्यान्न एवं सुविधाएं इन क्षेत्रों में पहुंच रही है।अब छात्र अपनी आगे की पढ़ाई के लिए शहरों की ओर रुख कर रहें हैं,
मानपुर-मोहला जिले के 30 गांवों को मिल रहा लाभ
इस कार्य को लोक निर्माण विभाग संभाग राजनांदगांव द्वारा 30 सितंबर 2021 को पूर्ण किया गया है। इस मार्ग के निर्माण होने से ग्राम पानाबरस, भैसबोड़, रामगढ़, पारडी, परवीडीह, हिड़कोटोला, मिस्प्री, मडियानवाड़वी, सांगली, भोजटोला के ग्रामवासियों को प्रत्यक्ष रूप से एवं आस-पास के लगभग 30 ग्रामों के ग्रामवासियों को अप्रत्यक्ष रूप से सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त हो रही है। यह मार्ग अंतरराज्यीय मार्ग होने के कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश को महाराष्ट्र से जोड़ता है।












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