Kamdhenu University में देश का पहला घुड़सवार NCC रेजिमेंट, कैडेट्स के लिए खरीदेगी 14 आर्मी के घोड़े
छत्तीसगढ़ के कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग में स्थित एनसीसी के घुड़सवारी रेजीमेंट में अब बहुत ही जल्द घोड़ों की खरीदी की जाएगी। इन घोड़ो के माध्यम से एनसीसी के कैडेट घुड़सवारी की ट्रेनिंग ले सकेंगे। इनकी खरीदी के लिए इंडियन आर्मी के मुख्यालय से सम्पर्क किया गया है। इसके लिए विश्वविद्यालय के कैंपस में विशेष रुप से अस्तबल तैयार किया जा रहा है, ताकि आर्मी के प्रशिक्षित घोड़ों को यहां रखा जा सके।

कामधेनु कैम्पस में NCC का पहला घुड़सवार रेजिमेंट सेंटर
दरअसल कामधेनु विश्वविद्यालय में स्थित एनसीसी का यह घुड़सवार रेजिमेंट सेंटर देश का पहला घुड़सवार रेजिमेंट सेंटर है। जहां एनसीसी कैडेट्स को घुड़सवारी की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा यहां से घोड़े अन्य सेनाओं में भी भेजे जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की परेड में भी इन घोड़ो को शामिल किया जाता है। इसके अलावा राष्ट्रपति निवास के घुड़सवार रेजीमेंट में भी इन प्रशिक्षित घोड़ो को शामिल किया जाता है।

सभी कैडेट्स नहीं ले पा रहे घुड़सवारी का प्रशिक्षण
जानकारी के अनुसार घोड़ो की खरीदी के आर्मी के 14 घोड़ों का चयन भी कर लिया गया है। सिर्फ NCC मुख्यालय से प्रशासनिक खरीदी प्रक्रिया बाकी है। इन घोड़ों के आने से एनसीसी कैडेट को लाभ मिलेगा। अभी कैंपस में 100 कैडेट्स के लिए मात्र 13 घोड़े हैं। जिसके चलते सभी कैडेट्स को घुड़सवारी सीखने के मौका नहीं मिल पाता है। जिससे कैडेट्स बारी बारी से घुड़सवारी सीख रहें हैं।
14 नए घोड़ों की होगी खरीदी, सीखेंगे हॉर्स जम्पिंग
अंजोरा स्थित कामधेनु विवि कैम्पस के घुड़सवारी रेजिमेंट में 14 घोड़ों की खरीदी के लिए प्रस्ताव तैयार कर सेना मुख्यालय से संपर्क किया गया है। जब नए 14 घोड़े लाये जाएंगे तो सभी कैडेट्स को घुड़सवारी,हॉर्स जम्पिंग, ड्रेसर्स एवं टेंट आदि सीखने का मौका मिल पायेगा। यह सभी घोड़े आर्मी के घोड़े हैं। एनसीसी अफसर के अनुसार घोड़े की कीमत लगभग 1 से 4 लाख तक होती हक। यह घोड़े पूरी तरह से प्रशिक्षित होते है।
विशेषज्ञों की निगरानी में अस्तबल हो रहा तैयार
एनसीसी अफसर राजकुमार गड़पायले ने जानकारी देते हुए बताया कि NCC कैडेट्स को घुड़सवारी के लिए घोड़ो की कमी को देखते हुए 14 नए आर्मी के घोड़ो की खरीदी का प्रस्ताव भेजा गया था। आर्मी मुख्यालय से इसकी सहमति भी मिल गई है। वहां से घोड़ों का चयन भी कर लिया गया है। लेकिन फिलहाल अभी कामधेनु विश्वविद्यालय कैम्पस में स्थित NCC घुड़सवार रेजिमेंट सेन्टर में घोड़े रखने के लिए अस्तबल का निर्माण नहीं हो सका है। आर्मी के प्रशिक्षित घोड़े होने के कारण इनकी अधिक देखभाल करनी पड़ती है। विशेष रूप से विश्विद्यालय के पशुपालन विभाग के डॉक्टरों की देखरेख में अस्तबल तैयार किया जा रहा है जहाँ किसी प्रकार की बीमारी या संक्रमण का खतरा न हो।












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