H1N1: बालोद में 3 वर्षीय बच्ची को स्वाइन फ्लू, कवर्धा में टास्क फोर्स करेगी पीड़ितों की ट्रेसिंग, बढ़ रहे मामले
बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक में ग्राम सतमरा निवासी 3 वर्षीय बच्ची की इन्फ्लूएंजा H1N1( स्वाइन फ्लू) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कवर्धा निवासी बच्ची की मौत के बाद कलेक्टर ने मौसमी वायरल बीमारियों के लिए टास्क फोर्स बनाया।
बालोद/कवर्धा, 09 अगस्त। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू से पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक में ग्राम सतमरा निवासी 3 वर्षीय बच्ची की इन्फ्लूएंजा H1N1( स्वाइन फ्लू) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं सोमवार को कवर्धा निवासी 4 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद जिले के अस्पतालों में इलाज के व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा कवर्धा कलेक्टर ने मौसमी वायरल बीमारियों के लिए टास्क फोर्स बनाया है। बालोद जिले में यह पहला मामला है। वर्तमान में बच्ची का इलाज रायपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है।

जिला सीएमएचओ ने की पुष्टि
तीन वर्षीय बच्चे की पॉजिटिव होने की पुष्टि सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने की है। विभाग के अनुसार 5 अगस्त को सैंपल लेने के बाद जांच की गई। जिसमें एच-1 एन-1 वायरस की पुष्टि हुई। जिसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन व रायपुर के अफसरों ने स्थानीय अफसरों को रविवार रात को दी। इसके बाद सोमवार को गुंडरदेही स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्राम सतमरा पहुंची।

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परिजनों को किया गया क्वारंटाइन
ग्राम समतरा में बच्ची के परिजनों से पूछताछ करने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को पता चला कि पिछले दो माह से बच्ची घर नहीं आई है। अपने नाना-नानी के गांव परसुली में है। बावजूद सुरक्षा के लिहाज से बच्ची के दादा-दादी को विभाग ने एक सप्ताह की निगरानी में रखा है। वहीं बच्ची के माता-पिता को भी निगरानी में रखा गया है। इस दौरान सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ सहित अन्य लक्षण आने पर सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर भेजा जाएगा।

स्वाइन फ्लू से हुई थी 5 लोगों की मौत
बालोद जिले में 5 साल पहले 2017 में स्वाइन फ्लू से जिले के 4 संक्रमितों की मौत हुई थी। जिसके बाद हर साल स्वाइन फ्लू के एक दो मामले सामने आ रहें हैं। बालोद सीएमएचओ एसके बघेल के अनुसार कोरोना की तरह ही स्वाइन फ्लू का लक्षण भी सामान्य तौर पर सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ हैं। लेकिन स्वाइन फ्लू के मरीजों को सांस लेने मेंतकलीफ ज्यादा होती है। सामान्य सर्दी जुखाम 3 दिनों में ठीक हो जाता है पर यह लम्बा चलता है और फेफड़ो को नुकसान पहुंचाता है।
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कवर्धा में बनाया गया टास्क फोर्स
रविवार को कवर्धा जिले के खैरझिटी गांव की 4 वर्षीय बच्ची की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद जिला कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों से संबंधित टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को शामिल कर जिले के सभी अस्पतालों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। गांवो में घर घर जाकर पीड़ितों की ट्रेसिंग की जा रही है। वहीं क्षेत्र में फैल रहे मौसमी बीमारियों पर भी नियंत्रण के लिए प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश भर में 32 स्वाइन फ्लू के मरीज
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में स्वाइन फ्लू के 32 मरीज पाए गए हैं। जिनमें से 18 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं अब भी 14 मरीजों का इलाज अस्पतालों में इलाज जारी है। सोमवार को भी रायपुर के दो व उड़ीसा से रेफर किये गए एक मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है। राजधानी रायपुर में ही 10 से अधिक मरीज स्वाइन फ्लू के मिल चुके हैं। रविवार को 4 वर्षीय बच्ची की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प गया है।












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