H1N1: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, 4 साल की बच्ची का रायपुर में चल रहा था इलाज, प्रशासन में हड़कंप
कोरबा की रहने वाली 4 वर्षीय बच्चे को सर्दी जुकाम से पीड़ित होने पर परिजनों ने रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत की सूचना निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने दी है।
कवर्धा, 08 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले की एक 4 वर्षीय बच्चे की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। इस साल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है जिसके बाद प्रदेश भर में स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। कवर्धा की रहने वाली 4 वर्षीय बच्चे को सर्दी जुकाम से पीड़ित होने पर परिजनों ने रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत की सूचना निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने दी है।

कोरोना के साथ स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा
छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में कोरोना के 3341 सक्रिय मामले है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में स्वाइन फ्लू के 28 मरीज पाए गए थे जिनमें से 16 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं अब भी 11 लोगों का इलाज अस्पतालों में जारी है। राजधानी रायपुर में ही 10 से अधिक मरीज स्वाइन फ्लू के मिल चुके हैं। रविवार को बालोद में एक व्यक्ति स्वाइन फ्लू से पीड़ित पाया गया। 4 वर्षीय बच्ची की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प गया है।

सर्दी खांसी जुखाम से जूझ रही थी बच्ची
दरअसल कवर्धा जिले के ग्राम खैरझिटी निवासी 4 साल की बच्ची को सर्दी जुखाम से पीड़ित होने पर सांस लेने में तकलीफ के चलते परिजनों ने 4 जुलाई को रायपुर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां बच्चे का इलाज चल रहा था। रविवार की रात को निजी अस्पताल में बच्ची की मौत हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची दूसरी बीमारी से भी ग्रसित थी। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 4 साल की बच्ची निमोनिया और सीवियर रेस्पिरिटी डिसऑर्डर से पीड़ित थी। कोरबा से इलाज के लिए बच्ची को रायपुर लाया गया था. पिछले कुछ दिनों से रायपुर में उसका इलाज चल रहा था. हाल ही में उसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी.
मल्टी डिसऑर्डर से पीड़ित थी बच्ची
राज्य के संचालक महामारी नियंत्रण डॉ सुभाष मिश्रा ने बताया कि बच्ची कवर्धा से आयी थी और मल्टी डिसऑर्डर निमोनिया और सीवियर रेस्पिरिटी डिसऑर्डर से पीड़ित थी. इसका इलाज राजधानी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था. इस दौरान बच्ची का H1N1 इन्फ्लुएंजा टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया। डॉ. मिश्रा का कहना है कि मौत की वजह केवल स्वाइन फ्लू नहीं हो सकती। क्योंकि बच्ची निमोनिया और सीवियर ARDF से भी पीड़ित थी और इसके बाद जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। लेकिन बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और बच्ची की मौत हो गयी।
जानिए क्या हैं लक्षण
संचालक महामारी नियंत्रण, डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू एच-1 एन-1 (H1N1) इन्फ्लुएंजा 'ए' के कारण होता है. यह वायरस वायु कण एवं संक्रमित वस्तुओं को छूने से फैलता है. इसके लक्षण संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार के साथ खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, थकावट, उल्टी, दस्त, छाती में दर्द, रक्तचाप में गिरावट, खून के साथ बलगम आना और नाखूनों का नीला पड़ना स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं. उन्होंने इससे बचाव के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों नहीं जाने, संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क से दूर रहने की सलाह दी।












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