Godhan Nyay Yojana: पंचायतों की जगह अब गोठानों में महिलाएं करेंगी गोबर की खरीदी, दिया जा रहा प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार गोठानों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का काम कर रही है। इसके तहत अब महिला समूहों को एक नया अवसर प्रदान किया जा रहा है। जिसके तहत अब गोठान में महिलाएं गोबर खरीदी का काम करेंगी। इससे पहले महिलाओं के माध्यम से गोमूत्र खरीदी की जा रही थी। इसकी शुरुआत बालोद जिले से की गई। जिले के गुरुर ब्लाक में महिला समूहों को गोबर खरीदी की ऑनलाइन इंट्री के लिए ट्रेनिंग दिया गया।

balod woman

पहले पंचायतों के माध्यम से होती थी खरीदी
गोधन न्याय योजना के तहत गांव के गोठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है। गांव के गौठानों में पहले पंचायत के माध्यम से गोबर खरीदी किया जा रहा था। लेकिन अब महिला समूहें खरीदी काम संभालेंगी। महिलाएं ही गोबर खरीदी का हिसाब किताब रखेंगी। इसके लिए बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के गौठानों में कार्यरत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

SHG Balod

विधायक संगीता सिन्हा ने किया प्रोत्साहित
गोठानों में गोबर खरीदी के लिए एप तैयार किया गया है। इस एप के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री करने का प्रशिक्षण के दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं को प्रोत्साहित किया। विधायक ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अब सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। अब वे आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गौठानों में निर्मित उत्पादों के माध्यम से उन्हें लाभ मिल रहा है। महिलाएं आर्थिक सहयोगी की भूमिका निभा रही हैं।

balod Mahila samuh

महिलाओं को दिया गया एप का प्रशिक्षण
जनपद सीईओ राजेंद्र पडोती ने बताया है कि प्रशिक्षण में महिला समूह को एप की जानकारी दी गई। एप को बहुत ही सरल तरीके से तैयार किया गया है। इसमें गोबर विक्रेता को पंजीकृत करना होगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि किसी किसान का पैसा नहीं आया है तो समूह की महिलाएं तकनीकी खामी चेक कर सकती हैं। महिलाएं ऑनलाइन एप के माध्यम से गोबर खरीदी की ऑनलाइन एंट्री करेंगी।

आजीविकामुलक कार्यों से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर
महिला स्वसहायता समूह और बिहान योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं आजीविका मूलक कार्यों में शामिल हो रही हैं। इन कार्यों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रहीं हैं। बालोद में जिले में महिलाएं केंचुआ खाद, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, रेडी ईट निर्माण, गोबर के दीये, घड़ी पाउडर निर्माण, मुर्गीपालन, आचार पापड़ निर्माण, फिनाइल निर्माण जैसे उत्पादों का निर्माण कर स्थानीय बाजारों, सीमार्ट में बेंचकर आमदनी प्राप्त कर रहीं हैं।

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