Durg: BSP कर्मचारियों के गाड़ियों में क्यूआर कोड का विरोध, सांसदों से मिलकर यह तर्क दे रहे यूनियन के नेता

BSP में कर्मचारियों के वाहनों पर क्यूआर कोड लगाए जाने का बीएसम यूनियन ने विरोध शुरू कर दिया है। क्युआर कोड के माध्यम से प्रबन्धन कर्मचारियों के वाहनों की संयंत्र के भीतर और बाहर आने जाने के समय पर नजर रखना चाहता है

दुर्ग, 31 अगस्त। छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों के वाहनों पर क्यूआर कोड लगाए जाने का बीएसम यूनियन ने विरोध शुरू कर दिया है। क्युआर कोड के माध्यम से प्रबन्धन कर्मचारियों के वाहनों की संयंत्र के भीतर और बाहर आने जाने के समय पर नजर रखना चाहता है। लेकिन अब इसका विरोध शुरु हो चुका है। इस बात को लेकर अब बीएमएस यूनियन के नेताओ ने सांसदों से मिलकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।

bhilai steel plant

यूनियन बोले पर्सनल जानकारी हो रही लीक
बीएसपी कर्मचारियों के वाहनों में क्यूआर कोड को लेकर बड़ी चूक सामने आई है। इंटक नेता और एनजेसीएस सदस्य वीबी सिंह के मुताबिक बार कोड ऐसा बनाया गया है कि बाहर का व्यक्ति भी बार को स्कैन कर संबंधित कर्मी की कंपनी से जुड़ी पर्सनल जानकारी हासिल कर सकता है। जिसमें पर्सनल नंबर से लेकर कांटेक्ट नंबर, पे रोल ग्रेड और वाहनों की जानकारी शामिल है। कोड के स्कैन करने के बाद कोई भी कार्मिक सर्विस से जुड़ी निजीजानकारी हासिल कर सकता है। इसे लेकर कार्मिकों में हड़कंप मचा हुआ है और कोड लागू किए जाने का ही विरोध कर रहे हैं।

सांसदों से मिलकर लगाई गुहार
बीएसपी प्रबन्धन के सर्कुलर जारी होने के बाद बीएमएस के पदाधिकारी स्टील मामलों के परामर्श दात्री समिति के सदस्य और दुर्ग सांसद विजय बघेल और बिलासपुर सांसद अरुण साव से मुलाकात कर इस फैसेल को वापस लेने की मांग की है। बीएसम के नेताओ ने विरोध के पीछे सांसदों को तर्क दिया है कि सेल के किसी भी संयंत्र में यह व्यवस्था नही है। सिर्फ भिलाई के कर्मचारियों को परेशान किया जा था है। जबकि बीएसपी ने कई कम्पनियों के कमर्चारी काम करते हैं।

एक सितम्बर से नहीं होगा लागू

वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने तकनीकी कारण बताकर 1 सितंबर से क्यूआर कोड स्कैनिंग पर रोक लगा दी है अब आगामी तिथि से क्यूआर कोड स्कैनिंग शुरू की जाएगी।

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इसके तहत प्लांट में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्लांट में प्रवेश देने के पूर्व क्युआर कोड का स्कैन कराना होगा।गेट में उस बार का स्कैन होने के बाद ही कर्मियों को प्लांट में प्रवेश करने दिया जाएगा। इससे इंट्री का समय नोट होगा। यह व्यवस्था सभी पांच गेट में लागु होने जा रही है। प्रबंधन ने इसे लेकर सर्कुलर भी जारी कर दिया है। सर्कुलर जारी करने के साथ ही कार्मिकों के साथ-साथ यूनियन प्रतिनिधियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। बीएमएस ने शनिवार को एक सितंबर से बार कोड लागू नहीं किए जाने को लेकर आईआर विभाग के माध्यम से प्रबंधन को ज्ञापन भी सौंपा।
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ड्यूटी के दौरान प्लांट से बाहर जाने पर लगेगा अंकुश
सर्कुलर के अनुसार बार कोड कर्मियों को अपने दो पहिया और चार पहिया वाहन में लगाना होगा। इस सिस्टम को शुरू करने का मकसद कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखना है। जिसमें कर्मी ड्यूटी के दौरान कितने बार प्लांट से बाहर निकलता है और कितने घंटे ड्यूटी करता है, यह जानकारी रखना प्रमुख रूप से शामिल है। प्रबंधन इस बात की निगरानी करना चाहता है।

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