Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Durg: पाटन का बेलौदी बना दुर्लभ प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना, इस तरह तैयार हो रहा बर्ड वॉचिंग पॉइंट

छत्तीसगढ़ का दुर्ग संभाग प्रवासी पक्षियों का खास ठिकाना बन चुका है। इसलिए अब राज्य सरकार द्वारा दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में ग्राम ग्राम बेलौदी जलाशय के समीप वेटलैंड जोन तैयार कर बर्ड वॉचिंग पॉइंट तैयार किया जा रहा है।

दुर्ग, 23 अगस्त। छत्तीसगढ़ का दुर्ग संभाग प्रवासी पक्षियों का खास ठिकाना बन चुका है। मानसून और ठंड की शुरुआत के साथ ही प्रवासी पक्षियों का दुर्ग पहुंचना शुरू हो जाता है। इसलिए अब राज्य सरकार द्वारा दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में ग्राम बेलौदी जलाशय के समीप वेटलैंड जोन तैयार कर बर्ड वॉचिंग पॉइंट तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही बेमेतरा जिले के ग्राम गिधवा में प्रवासीय पक्षियों को आकर्षित करने बर्ड सेंचुरी डेवलप किया जा रहा है।

हर साल 67 प्रकार के प्रवासी पक्षी पहुंचते रहे दुर्ग

हर साल 67 प्रकार के प्रवासी पक्षी पहुंचते रहे दुर्ग

दुर्ग के वन विभाग के अनुसार अनुसार जिले में इस समय 67 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां देखी गई हैं। इनमें 31 प्रजातियां ऐसी है, जो प्रवासी हैं। ये पक्षी साइबेरियन, कैस्पियन सागर व तिब्बत जैसे देशों से यहां पहुंची हैं। पाटन के बेलौदी में सबसे अधिक पक्षियों की प्रजातियों को देखा गया है। यह क्षेत्र अब बर्ड वॉचिंग पॉइंट के रूप में विकसित हो रहा है। दुर्ग कलेक्टर अभिषेक मीणा ने बेलौदी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

इन स्थानों पर पहुंचते हैं पक्षी

इन स्थानों पर पहुंचते हैं पक्षी

पिछले कुछ वर्षों देखा जा रहा है कि दुर्ग में मुख्य रूप से ग्राम बेलौदी, दुर्ग का ठगड़ा बांध, धनोरा, जवाहर उद्यान भिलाई, मरोदा टैंक, मनगट्टा व आसपास के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में विदेशों से प्रवास कर पक्षियों की 67 प्रजातियां दुर्ग पहुंच रही हैं। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन ग्राम बेलौदी जलाशय के समीप क्षेत्र को प्रवासीय पक्षी विचरण प्रक्षेत्र के रूप में डेवलप कर रही है।

इन प्रजातियों के पक्षियों की होती है आमद

इन प्रजातियों के पक्षियों की होती है आमद

बेलौदी में दुलर्भ प्रजाति के प्रवासी पक्षी हर साल पहुंचते है। जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दुर्ग जिले के गाँव बेलौदी में देखा जा सकता है।बेलौदी के इसी बांध में बीते दिनों पैसिफिक गोल्डन प्लोवर के साथ-साथ यूरेशियन कुर्लु, विम्ब्रेल, ग्रीन सेंड पाइपर, मार्स सेंड पाइपर प्रजाति की पक्षियां देखी गई। यहां कैस्पियन सागर, तिब्बत और साइबेरिया से आए पक्षियों की अधिकता देखी गई है। कुछ पक्षी सीजन तक यहीं बसेरा बना लेते हैं।

जापान की ग्रे हैडेड लेपविन की अधिकता

जापान की ग्रे हैडेड लेपविन की अधिकता

ये प्रवासी पक्षी ठंड से गुजरने के बाद वापस लौट जाते हैं। ग्रे हेडेड लैप्विंग की प्रजाति चीन और जापान में पाई जाती है। ग्रे हेडेड लैप्विंग बेलौदी के बांधा के कीड़ों को अपना भोजन बनाती है। लंबे सफर में विश्राम करने और पोषण करने माइग्रेट पैसेज के रूप में कुछ दिन बीच में रूकती हैं।

बेमेतरा जिले में बन रहा बर्ड सेंचुरी पार्क

बेमेतरा जिले में बन रहा बर्ड सेंचुरी पार्क

दुर्ग संभाग के बेमेतरा जिले में साल 2021 में विश्व पक्षी दिवस के दिन बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। जिसमें अन्य देशों से प्रवासी पक्षी के फोटोग्राफर और पक्षी विशेषज्ञ इसमें शामिल होने छत्तीसगढ़ पहुंचे। पक्षियों की विशेष जानकारी रखने वालों ने बेमेतरा के ग्राम गिधवा को प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल बताया। वहीं अब सरकार इसे प्रवासी पक्षी के लिए तैयार कर रही है।

वर्ष भर होता है पक्षियों का आगमन

वर्ष भर होता है पक्षियों का आगमन

पाटन के बर्ड वाचर एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर राजू वर्मा बताते हैं की वैसे तो पक्षियों का आगमन दुर्ग जिले में वर्ष भर होता है लेकिन गर्मियों में छत्तीसगढ़ की ओर रुख करने वाले साइबेरियन पक्षी मानसून की शुरुआत के 15 दिन पहले ही अपने स्थान में लौट जाते हैं, पाटन ब्लाक के बेलौदी, सांतरा व अचानकपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। इसके साथ ही ठंड के दिनों में अन्य देशों से पक्षियों की आवाक बहुतायत देखी जाती है।

बेलौदी में बनाया गया है वॉचिंग टॉवर

बेलौदी में बनाया गया है वॉचिंग टॉवर

बेलौदी में तीन तालाबों को जोकर वेटलैंड जोन बनाया गया है। इस वेटलैंड जोन के अंर्तगत ही बर्ड वॉचिंग पॉइंट बनाया जा रहा है। जिसके लिए वॉचिंग टावर तैयार किया गया है। पक्षी विचरण क्षेत्र के रूप में कि जगहों को मिट्टी के टीले कर रूप तैयार किया जा रहा है। यहाँ मानवीय दखल से दूर पक्षियों के अनुकूल वातावरण देने का प्रयास किया जा रहा है।

पांच करोड़ की लागत से तैयार हो रहा केंद्र

पांच करोड़ की लागत से तैयार हो रहा केंद्र

इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से जिला प्रशासन के सिंचाई विभाग को 5 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना में वन विभाग, सिंचाई विभाग व स्थानीय प्रशासन की टीम इस पर काम कर रही है। एक बेहतर पक्षी विचरण केंद्र तैयार है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+