Bhilai Steel Plant में भस्म किया जाएगा, 6 हजार किलो गांजा, ड्रग डिस्पोजल के लिए बनी हाई लेवल कमेटी
दुर्ग, 26 सितंबर। छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के निर्देश के बाद पुलिस लगातार अवैध कारोबारियों पर कार्यवाही कर रही है। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में पुलिस की नजरों से बचकर गांजा, चरस, अफीम की सप्लाई अन्य राज्यों से करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में पुलिस के पास हजारों किलो गांजा और चरस जप्त किया गया है। जिसे नष्ट करने के लिए पुलिस ने भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन का चयन किया गया है। इसके लिए 3 अक्टूबर का दिन तय किया गया है।

बीएसपी प्रबन्धन ने नष्ट करने की दी सहमति
भिलाई इस्पात संयंत्र के SMS-1 की भठ्ठी में जप्त किए गए मादक पदार्थों को डाला जाएगा।एसएमएस-1 में रिमिंग स्टील का उत्पादन किया जाता है। यह एक वेल्यु एडेड प्रोडक्ट है।अब इस भठ्ठी में जप्त किए गए गांजा को डाला जाएगा। आईजी कार्यालय दुर्ग रेंज से बीएसपी प्रबन्धन को पत्र लिखकर इसके लिए सहमति मांगी गई थी। जिस पर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबन्धन ने पत्र के माध्यम से सहमति दे दी है।
ड्रग्स डिस्पोजल समिति का किया गया गठन
दुर्ग रेंज के अन्तर्गत जिलों में NDPS एक्ट के तहत जप्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण हेतु रेंज स्तर पर हाई लेवल ड्रग्स डिस्पोजल समिति गठन किया गया है। जिसमे आईजी अध्यक्ष व डीआईजी सभी जिलों के एसपी, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी सदस्य होते हैं। गवाह एवं पंचों की उपस्थिति में नष्टीकरण की कार्रवाई की जाती है। यह समिति अपनी निगरानी में 3 अक्टूबर को कबीरधाम जिले से 6.14 टन गांजा और चरस को दुर्ग लाएगी। इसके बाद इसे भिलाई स्टील प्लांट नष्ट करने के लिए ले जाया जाएगा।
कबीरधाम जिले में जप्त किया गया, सबसे अधिक गांजा
इस हाई लेवल समिति द्वारा जिला कबीरधाम से नारकोटिक्स एक्ट के तहत कुल 109 प्रकरणों में 6135.430 किलो ग्राम गांजा, 7 किलो 840 ग्राम गांजा पौधा, 560 ग्राम चरस की सूची प्रस्तुत की गई है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई थी। इसके दुर्ग संभाग के राजनांदगांव, बेमेतरा, दुर्ग, बालोद और कवर्धा जिले से जप्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण योग्य पाये जाने से भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-01 के भट्ठी में 03 अक्टूबर को नष्ट किये जाने का निर्णय लिया गया है।












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