Bhilai Nigam: शहर की सफाई में खर्च हो रहे 25 करोड़, फिर भी डायरिया और डेंगू का प्रकोप, कारण तलाश रहे अधिकारी
नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में इन दिनों डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसके साथ साथ डेंगू भी पैर पसार रहा है। इन जलजनित बीमारियों से भिलाई के लगभग 100 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। लेकिन इन सबके बीच छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहें हैं। भिलाई शहर की सफाई का बजट बढ़कर 25 करोड़ पहुंच गया है। लेकिन बीमारियां भिलाई निगम क्षेत्र का पीछा नहीं छोड़ रही है।

ठेका एजेंसी के हाथों शहर की सफाई व्यवस्था
भिलाई नगर निगम की सफाई का टेंडर होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था निजी एजेंसियो के हाथों हैं। सामान्य सभा में सफाई का बजट लगभग 25 करोड़ रुपये रखा गया था। निगम से हुए 60 सूत्रीय अनुबंध के अनुसार सफाई कार्य में लगने वाली गाड़ियां, ई-रिक्शे निगम ने उपलब्ध कराए हैं। लगभग 1450 कर्मचारियों से निगम क्षेत्र के 56 वार्डों की सफाई कराई जा रही है। लेकिन इसके बाद भी निगम स्वच्छ्ता रैंकिंग में पिछड़ता जा रहा है। इस बीच निगम के शौचालयों और SLRM सेंटरों, ट्रेचिंग ग्राउंड में भी निगम की लापरवाही सामने आ रही है। इससे पहले भी कर्मचारियों के पीएफ और वेतन भुगतान के मामलों में भी संबंधित एजेंसी के खिलाफ शिकायत की गई थी।

डायरिया से दो की मौत, 100 से अधिक लोगों का इलाज जारी
साल 2018 में डेंगू के डंक से 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी। जिसमें अधिकतर बच्चे शामिल थे। इस जख्म को अब तक कई परिवार नहीं भूल सके हैं। अब भिलाई शहर में डायरिया से दो लोगों की मौत होने के साथ ही 100 से अधिक लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। डेंगू के पीड़ितों की पुष्टि डॉक्टरों ने की थी। इस घटना से शहर में हड़कम्प मच गया है, CMHO डॉ. जे पी मेश्राम ने बताया की निगम के नल से पानी पीने वाले हर दूसरे घर में लोग उल्टी, दस्त की शिकायत से परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड 31, 32 में स्वास्थ्य शिविर लगाया है। लाल बहादुर शास्त्री व निजी अस्पतालों में पीड़ितों का इलाज जारी है।

कलेक्टर ने दिये निर्देश, टँकीयो की करें सफाई
इस घटना में पहले 13 लोगों के डायरिया पीड़ित होने की सूचना मिली थी जिसे निगम के स्वास्थ्य अमले ने हल्के में लिया जिसका नतीजा अब आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। वार्ड-32 जेपी नगर कैंप-1 में मंगलवार शाम से अचानक लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। इसके बाद एक के बाद एक बीमार सुपेला स्थित लाल बहादुर शासकीय अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने लगे थे। दुर्ग कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने निगम कमिश्नर और महापौर के साथ तुरंत कैम्प क्षेत्र के प्रभावित स्थलों का निरीक्षण किया। पीड़ितों से अस्पताल में मुलाकात की जिसके बाद निगम के प्रभावित क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और गंदे पानी के स्त्रोत को सुधारने के निर्देश दिए। इसके साथ ही यहां पानी की टँकीयो की सफाई कराने के निर्देश दिये हैं।

अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा भिलाई में बीमारियां: BJP
अब इस मामले में भाजपा पार्षद पीयुष मिश्रा और राम जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष मनीष पांडेय ने निगम के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। भाजपा पार्षद पीयूष मिश्रा ने निगम मुख्यालय में प्रदर्शन के दौरान गंदा पानी भरकर अधिकारियों को दिया। पीयुष मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि निगम के अधिकारियों की गलती से शहर में डायरिया और डेंगू फैला हुआ है। इसके लिए उन पर अपराध दर्ज होने चाहिए।

जनता की जान जोखिम में डाल, अपनो को दे रहे काम: पीयूष
पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि शहर में लंबे समय से पानी टंकियों की सफाई नहीं की गई है। 77 एमएलडी व 66 एमएलडी प्लांट एवं सभी पानी टंकियों को साफ करने का कार्य अपने लोगों को दिलाने के चक्कर में सत्ता पक्ष में बैठे लोग भिलाई की जनता की जान जोखिम में डाल रहें है। नगर निगम भिलाई के अधिकारी भी इसमें पूर्ण रूप से शामिल हैं। उन्होंने कलेक्टर और आयुक्त नगर निगम भिलाई को ज्ञापन देकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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