Deoria: एडीजी ने लापरवाह पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, इस वजह से हुई कार्रवाई
Deoria News: एडीजी गोरखपुर ने देवरिया जिले के कोतवाल, दीवान सहित चार पुलिसकर्मियो को लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित कर दिया है। इन दोनों ने एक घरेलू महिला पर गुंडा एक्ट का फर्जी मुकदमा किया था। महिला व उसके परिजनों ने एडीजी अखिल कुमार से इसकी शिकायत की थी।
जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के सिसवां दीक्षित गांव निवासी लाल बिहारी त्रिपाठी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। अपने बड़े बेटे शिक्षक कृष्णकांत त्रिपाठी और उनकी पत्नी सोनू त्रिपाठी पर गुंडा एक्ट लगाए जाने को लेकर 14 सितम्बर को एडीजी अखिल कुमार से मिले। उनको शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पड़ोसी दिग्विजय नाथ तिवारी से 10 जून 2021 को उनका मकान और दरवाजा सहन सहित रजिस्ट्री कराया है, जिसका दाखिल खारिज 16 दिसम्बर 2022 को नायब तहसीलदार के यहां से हो चुका है।

दीवानी न्यायालय के द्वारा उस भूमि पर यथा स्थिति का आदेश पारित है। 22 मार्च 2023 को उस भूमि पर राम निवास तिवारी कब्जे की नीयत से लोहे का गेट लगवाने लगे, जिसका हमने प्रशासनिक मदद डायल 112 से लेते हुए दो बार विरोध किया। प्रशासन के मना करने के बाद भी राम निवास जबरदस्ती गेट लगवाने लगे। फिर विरोध करने पर हमारे परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। प्राथमिक उपचार के बाद कोतवाली में तहरीर दी तो कोतवाली पुलिस ने मना कर दिया। उल्टे कोर्ट के आदेश पर हमारे परिवार के लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोतवाल गोपाल पांडेय ने लड़कों को थाने बुलाकर रजिस्ट्री वापस करने का दबाव बनाया। मना करने पर मेरे बड़े बेटे कृष्णकांत त्रिपाठी जो देसही देवरिया में प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं उनके ऊपर और उनकी पत्नी सोनू त्रिपाठी जो गृहिणी हैं पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी। इस पर अपर पुलिस महानिदेशक ने तीन के अंदर एएसपी को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जांच में कोतवाल, दीवान समेत चार पुलिस कर्मी दोषी पाए गए।












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