Raghav Chadha Case: 'राज्यसभा सभापति से बिना शर्त माफी मांगें राघव चड्ढा', जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा?
कथित विशेषाधिकार हनन के मामले में संसद से निलंबित सांसद राघव चड्ढा को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फटकार लगाई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मिलने और चयन समिति विवाद पर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यसभा अध्यक्ष को आप विधायक की माफी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए और आगे का रास्ता खोजने का प्रयास करना चाहिए।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, चड्ढा का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने कोर्ट को बताया कि सांसद का उस सदन की गरिमा को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं है, जिसके वह सदस्य हैं और वह बिना शर्त माफी मांगने के लिए राज्यसभा अध्यक्ष से मिलने का समय मांगेंगे।

कोर्ट, अब दिवाली की छुट्टियों के बाद याचिका पर सुनवाई करेगी। आपको बता दें कि चड्ढा को कथित विशेषाधिकार हनन के आरोप में संसद के मानसून सत्र के दौरान 11 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
आप सांसद राघव (34) पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार विधेयक 2023 पर विचार करने के लिए एक चयन समिति में उनके नाम शामिल करने से पहले पांच राज्यसभा सांसदों की सहमति नहीं लेने का आरोप लगाया गया था, जो सेवाओं पर राजधानी में निर्वाचित AAP सरकार की शक्ति को कम करने का प्रयास करता है।
विशेषाधिकार हनन के आरोप वाली पांच सांसदों की शिकायत पर इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया और चड्ढा को समिति द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने तक निलंबित कर दिया गया। 30 अक्टूबर को, राघव ने सुप्रीम कोर्ट में अपने अनिश्चितकालीन निलंबन को चुनौती दी। चड्ढा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि संसद सदस्य, विशेषकर विपक्ष के सदस्य का अनिश्चितकालीन निलंबन, एक संवैधानिक अदालत के लिए "गंभीर चिंता" का विषय है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था कि संसद में सत्तारूढ़ व्यवस्था से अलग आवाज होनी चाहिए।












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