Delhi-NCR Air Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- विशेषज्ञों और जनता से सुझाव लें केंद्रीय पैनल
नई दिल्ली, 16 दिसंबर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है। गुरुवार को राजधानी में हवा की गुणवत्ता बेहद बिगड़ी हुई थी, जिसके चलते धुंध देखी गई। वायु गुणवत्ता व मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (SAFAR) के मुताबिक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आज 337 जो कि बहुत खराब श्रेणी में है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर)और आसपास के इलाके में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से वायु प्रदूषण को रोकने के लिए लंबे समयवाले समाधानों के बारे में विशेषज्ञों और जनता से सुझाव मांगने को कहा है।

गुरुवार को दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से इन सुझावों का अध्ययन करने और इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन करने को भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट अब फरवरी 2022 में वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी में कुछ उद्योगों पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर सीएक्यूएम द्वारा दायर हलफनामे पर सुनवाई करते हुए कही कि केंद्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी आयोग (CAQM) को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण संकट को रोकने के लिए दीर्घकालिक समाधानों पर जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाए।
इस दौरान अदालत ने कहा कि हम उपकरण/मशीनरी का क्या करना चाहिए, इस बारे में सलाह देने वाले हर आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकते है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहताने कहा कि अभी भी 'बहुत खराब' श्रेणी में है, लेकिन जब से हमने शुरुआत की है तब से इसमें सुधार हुआ है।'
सॉलिसिटर जनरल ने कहा, 'विशेषज्ञ दीर्घकालिक कदम उठा रहे हैं और प्रदूषण के सोर्स की पहचान कर रहे हैं ताकि हमें भविष्य में इस तरह के कदम उठाने की जरूरत ना पड़े।' वहीं अब कोर्ट ने सुनवाई फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी है।












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