शैलजा मर्डर: मेजर हांडा के जुर्म का राज बताएगा गूगल और वाट्सएप
दिल्ली। शैलजा मर्डर केस में गिरफ्तार मेजर निखिल हांडा ने कत्ल की प्लानिंग में काफी दिमाग खपाया था। शातिर हांडा ने पहले तो शैलजा के दिल्ली के आर्मी बेस हॉस्पिटल में होने का फायदा उठाने के लिए नागालैड के दीमापुर से दिल्ली आकर उसी हॉस्पिटल में खुद को भर्ती करा लिया। इसके बाद जब शैलजा और वो खुद डिस्चार्ज हो गया तो बेटे को भर्ती करा दिया क्योंकि शैलजा हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपी कराने आती थी। इसके बाद हॉस्पिटल में शैलजा से हो रही मुलाकातों के बीच 23 जून को उसने उसका काम तमाम कर दिया। इसके बाद उसने खूनी गुनाह के सबूत मिटाने शुरू किए। अपना सिम फेंक दिया। शैलजा का मोबाइल का सारा डाटा डिलीटकर उसे तोड़कर फेंक दिया। वाट्सएप और गूगल ड्राइव के सारे रिकॉर्ड डिलीट कर दिए। हलांकि पुलिस ने शैलजा का मोबाइल बरामद कर लिया है और हांडा के मोबाइल की भी जांच चल रही है लेकिन उसमें कोई डाटा नहीं है।

वाट्सएप और गूगल कंपनी से पूछेगी पुलिस
पुलिस ने अब गुनाह का राज खंगालने के लिए गूगल और वाट्सएप कंपनी से शैलजा और मेजर निखिल हांडा के बीच हुई बातचीत का डाटा लेने का फैसला किया है। शैलजा और हांडा के बीच वाट्सएप पर चैट और कॉलिंग से बातचीत होती है। गूगल ड्राइव में हांडा डाटा सेव करता था जिसे उसने कत्ल के बाद डिलीट कर दिया था। उसने वाट्सएप भी मोबाइल से हटा दिया था। पुलिस गूगल और वाट्सएप कंपनी से डिलीट किए हुए डाटा की रिकवरी करने की कोशिश करेगी।

शैलजा का मोबाइल पुलिस ने किया बरामद
हांडा ने कत्ल के बाद शैलजा का मोबाइल तोड़कर फेंक दिया था जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया और उसका आईएमईआई नंबर भी मिल गया है। पुलिस ने हांडा का एक मोबाइल बरामद कर लिया है और उसके दूसरे मोबाइल की बरामदगी की कोशिश जारी है।

भाई और चाचा ने की भागने में मदद
पुलिस का कहना है कि छोटे भाई और चाचा ने निखिल हांडा को फरार होने में मदद की। शैलजा के कत्ल के बाद हांडा गुनाह से बचने के रास्ते तलाशने लगा। कत्ल के बाद वह अपने छोटे भाई और चाचा से मिला। छोटे भाई से 20 हजार रुपए लेकर वह निकला। वह एक वकील से भी जाकर मिला और उससे बचने के रास्ते में पूछने लगा लेकिन वहां जब उसको निराशा हाथ लगी तो वह फरार हो गया। उसने मोबाइल को स्विच ऑफ कर लिया और मेरठ की तरफ निकल पड़ा। बीच-बीच में मोबाइल ऑन कर वाट्सएप कॉलिंग पर बीवी से बात करता है जिस दरम्यान सर्विलांस के जरिए पुलिस ने उसे खोज लिया और मेरठ में दबोच लिया।












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