Rau's IAS के बेसमेंट में कैसे घुसा पानी? दिल्ली पुलिस ने इन दो थ्योरियों पर शुरू की अपनी जांच
Rau's IAS Coaching Centre Incident: ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित Rau's IAS Study Circle के बेसमेंट में पानी भरने से श्रेया यादव, तान्या सोनी और निविन दल्विन की मौत हो गई। कोचिंग सेंटर में हुए इस हादसे के कारण देश की राजधानी दिल्ली में भारी हंगामा मचा हुआ है। वहीं, सियासी गलियारों में इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी हैं।
इस बीच पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता और कोऑर्डिनेटर देशपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी कैसे पहुंचा, इसको लेकर दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीम ने अब दो थ्योरी पर अपनी जांच शुरू कर दी है।

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, पुलिस की पहली थ्योरी है कि क्या बेसमेंट में भी कोचिंग चल रही थी? और क्या बिल्डिंग के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी थी या नहीं?। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मेन गेट कैसे टूटा? दरअसल, भारी बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा हो गया था।
यह पानी कोचिंग सेंटर के अंदर प्रवेश (घुस) ना कर सके, इसलिए कोचिंग का गेट बंद कर दिया गया था। जिस पर स्टील शेड लगा हुआ था। लेकिन, बारिश का पानी जैसे ही सड़क पर ज्यादा भरा तो पानी का प्रेशर और सड़क से गुजर रहे एक ट्रक के दबाव की वजह से स्टील का गेट टूट गया और सड़क पर बहता हुआ सारा पानी बेसमेंट में जा पहुंचा।
जिस वजह से बेसमेंट में पानी भर गया और कोचिंग में मौजूद स्टूडेंट्स अंदर फंस गए। खबर के मुताबिक, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि एक कार को बाहर निकलने के लिए कोचिंग का गेट खोला गया था, जिसके बाद पानी काफी तेजी से बेसमेंट के अंदर आ गया। पुलिस की मानें तो यह जांच का विषय है कि आखिरकार गेट किसने खोला और बंद किया?
बेसमेंट की गहराई जमीन से करीब 8 फ़ीट नीचे है, जिसकी वजह से बाहर से पानी घुसने पर तेज़ी से पानी भर गया। जिसके कारण तीन छात्रों की मौत हो गई। पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीम ने इन थ्योरिज पर अपनी जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस मामले में दिल्ली नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि कोचिंग केवल फ्लोर्स पर चलाने की अनुमति है।
बेसमेंट में किसी भी तरह की कोई कोचिंग चलाने की परमिशन नहीं है। यह जांच का विषय है कि उस वक्त कोचिंग बेसमेंट में तो नहीं चल रही थी। खबर के मुताबिक, कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में लाइब्रेरी बनी हुई थी, जहां पर करीब 30 के आसपास छात्र पढ़ाई कर रहे थे। अचानक पानी आने से अफरातफरी मच गई और तीन छात्र बेसमेंट में ही फंस गए थे।
बाकी छात्र अपनी जान बचाकर किसी न किसी तरह बाहर निकल आए थे। फायर डिपार्डमेंट के डायरेक्टर अतुल गर्ग के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीन छात्रों के शव बरामद किए गए। मरने वालों में दो छात्राएं और एक छात्र है। इस घटना के बाद हजारों की संख्या छात्र सड़क पर उतर आए और करोल बाग मेट्रो स्टेशन ने नीचे सड़क को जाम कर दिया।
सभी छात्र वी वांट जस्टिस के नारे लगाते हुए सड़क पर बैठ गए। तो वहीं, डीसीपी सेंट्रल एम हर्ष वर्धन ने कहा कि कल शाम से जब से यह घटना हुई है, हम बचाव कार्य में लगे हुए हैं। छात्रों की भावनाओं को हम अच्छे से समझते हैं। हमने उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति दी और उन्हें आश्वासन भी दिया कि मैं उनकी मांगों को संबंधित एजेंसियों के समक्ष उठाऊंगा।












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