Rahul Gandhi: 'मुझे नहीं पता ये क्या हो रहा..', लोकसभा स्पीकर पर भड़के नेता प्रतिपक्ष
Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार, 26 मार्च को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया। कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "मुझे नहीं पता कि क्या हो रहा है मैंने उनसे अनुरोध किया कि मुझे बोलने दें लेकिन वह भाग गए। सदन चलाने का यह कोई तरीका नहीं है।"
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्पीकर बस चले गए और उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया उन्होंने मेरे बारे में कुछ निराधार बातें कहीं और सदन को स्थगित कर दिया।

Rahul Gandhi On Speaker: नेता प्रतिपक्ष ने ओम बिरला पर लगाया आरोप
राहुल गांधी ने , "मैं कहना चाहता था कि कुंभ मेला बहुत अच्छा था। मैं बेरोजगारी पर भी बोलना चाहता था, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया। मुझे नहीं पता कि अध्यक्ष का दृष्टिकोण और सोच क्या है, लेकिन सच्चाई यह है कि हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है। सदन स्थगित करने पर कांग्रेस नेता ने कहा की कोई जरूरत नहीं थी यह एक परंपरा है, विपक्ष के नेता को बोलने का समय दिया जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा जब भी मैं खड़ा होता हूं, मुझे बोलने से रोक दिया जाता है मैंने कुछ नहीं किया, मैं चुपचाप बैठा रहा। यहां लोकतंत्र के लिए कोई जगह नहीं है। महाकुंभ पर बोलना चाहता था, मैं बेरोजगारी पर भी बोलना चाहता था लेकिन मुझे इसकी अनुमति नहीं दी गई।
Rahul Gandhi: सदन की मर्यादा बनाए रखें, लोकसभा स्पीकर
इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के नेता से सदन के नियमों का पालन करने और आचरण बनाए रखने को कहा। "आपसे सदन की मर्यादा और पवित्रता के उच्च मापदंडों को बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। मेरी जानकारी में ऐसी कई घटनाएं हैं, जब सांसदों का आचरण सदन की मर्यादा और पवित्रता के उच्च मापदंडों को बनाए रखने के अनुरूप नहीं था। पिता, बेटियां, माताएं, पत्नी और पति इस सदन के सदस्य रहे हैं। इसलिए, इस संदर्भ में, मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष के नेता नियमों के अनुसार आचरण करेंगे और उनसे विशेष रूप से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपना आचरण बनाए रखें। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा और सदन को स्थगित कर दिया।
Rahul Gandhi news: कांग्रेस नताओं ने की आलोचना
इस पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्या हुआ और क्या उकसावे की बात थी कि अध्यक्ष को सदन को स्थगित करना पड़ा। चिदंबरम ने कहा, "मुझे नहीं पता कि क्या हुआ और क्या उकसावे की बात थी। यह मुझे स्कूल के अपने प्रिंसिपल की याद दिलाता है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपने स्कूल की असेंबली में वापस आ गया हूं।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "संसदीय परंपराएं सिखाती हैं कि सदन जितना सत्ता पक्ष का है, उतना ही विपक्ष का भी है। जब भी विपक्ष के नेता सदन में आते हैं और सदन में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो उन्हें नियम दिखाकर लोगों के मुद्दे उठाने के उनके अधिकार से वंचित किया जाता है। अगर सरकार का कोई मंत्री, कोई भाजपा सांसद खड़ा हो जाता है, तो उनका माइक चालू हो जाता है और उन्हें बोलने का मौका मिल जाता है।"
TMC सांसद शत्रुधन सिन्हा ने राहुल गांधी के आरोपों पर सहमती जताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने बिल्कुल सही कहा है। उन्होंने आगे कहा, "वो हमारे नेता प्रतिपक्ष हैं, वे हम सभी के नेता हैं। ऐसा पहले भी हुआ है कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और आज भी ऐसा ही हुआ है। यह बहुत निंदनीय बात है। मैं अध्यक्ष की बहुत इज्जत करता हूं मगर मुझे नहीं पता कि उन पर क्या दबाव है?"
बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च को शुरू हुआ और 4 अप्रैल तक चलेगा।












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