पेपर लीक पर राहुल गांधी का माइक किया गया बंद? स्पीकर ओम बिरला से जानें जवाब
Rahul Gandhi Mic Switched Off: संसद सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया। लगातार विपक्ष इस मुद्दे को लेकर एनडीए सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। विपक्ष इस मौके को पूरी तरह भुनाने की फिराक में नजर आ रही है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने नीट मामले को लेकर चर्चा के लिए समय देने की मांग की। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने सिरे से इस मांग को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि आपको चर्चा के लिए वक्त मिलेगा। इतना ही नहीं, सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से माइक बंद होने के आरोप लोकसभा में गूंजने शुरू हो गए। आइए जानते हैं कट टू कट में राहुल के आरोपों पर स्पीकर का जवाब?

- राहुल: सर, माइक बंद है।
- स्पीकर ओम बिरला: माइक मैं बंद नहीं करता हूं, यहां कोई बटन नहीं होता।
- राहुल: सर, माइक तो दे दीजिए।
- बिरला: मैं, पूर्व में भी बता चुका हूं कि इस विषय (नीट पेपर लीक) को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब के लिए आपको समय दिया जाएगा।
- राहुल: विपक्ष और सरकार की ओर से हिंदुस्तान के स्टूडेंट्स को ज्वाइंट मैसेज देना चाहते हैं, यह मसला हमारे लिए बेहद जरूरी है। इसलिए, आज स्टूडेंट्स की रिस्पेक्टस करते हुए नीट पर चर्चा करें।
- बिरला: नहीं, माननीय...ओके।
कांग्रेस ने सरकार को बताया 'तानाशाह'
वहीं, सदन से बाहर आने के बाद कांग्रेस महासचिव एवं सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि आज सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा नीट परीक्षा में अनियमितता है। हजारों छात्र और उनके अभिभावक चिंता में हैं और हमें इसका स्थायी समाधान खोजने की जरूरत है। सरकार को हमें इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए समर्पित और विशेष रूप से समय देने की अनुमति देनी चाहिए, इसलिए हमने स्थगन प्रस्ताव पेश किया लेकिन सरकार तैयार नहीं है।
माइक बंद को लेकर कहा कि वे विपक्ष के नेता को एक मिनट भी बोलने नहीं दे रहे हैं और माइक्रोफोन म्यूट कर दिया गया है। यह सरकार जिस तरह से काम कर रही है वह पुराने समय की तरह है - तानाशाही - और यह हमारी पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी समस्या होगी।
खड़गे का माइक भी म्यूट?
वहीं, राज्यसभा में देश में पेपर लीक से पीड़ित छात्रों की आवाज कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने सदन में उठाई। आरोप है कि उनका माइक भी कर दिया गया। कांग्रेस ने कहा कि पेपर लीक के मामले पर ये सरकार खुद तो खामोश है ही, लेकिन अब वो पेपर लीक के विरोध में उठने वाली आवाजों को भी दबाना चाहती है।












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