Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट से झटका, SC ने खारिज की CBI जांच की मांग

Supreme Court on Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में संबंधित हाईकोर्ट का रुख किया जा सकता है। हालांकि, इसी बीच मामला राष्ट्रपति भवन तक भी पहुंच चुका है।

राष्ट्रपति सचिवालय ने ईमेल याचिका पर संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव से आवश्यक कार्रवाई करने और रिपोर्ट देने को कहा है। उधर, भरत तिवारी की तेरहवीं में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की तैयारी है और कथित दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग भी लगातार तेज होती जा रही है।

Supreme Court on Bharat Tiwari Encounter

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं सुनी CBI जांच की मांग?

सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि आखिर इस मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आया गया। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि याचिकाकर्ता का इस मामले से क्या संबंध है। कोर्ट ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच की मांग करनी है तो संबंधित हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है। इसके बाद याचिका खारिज कर दी गई।

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फर्जी एनकाउंटर का आरोप, परिवार क्या कह रहा है?

भरत भूषण तिवारी की मौत भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई थी। परिवार का आरोप है कि यह कोई असली एनकाउंटर नहीं बल्कि सुनियोजित फर्जी मुठभेड़ थी। इसी वजह से पुलिस जांच पर भरोसा नहीं जताते हुए CBI से जांच कराने की मांग उठाई गई। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आएगी और दोषियों पर कार्रवाई संभव नहीं होगी।

राष्ट्रपति सचिवालय ने भी लिया मामले का संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट में राहत नहीं मिलने के बावजूद इस मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह की ईमेल याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है। सचिवालय ने बिहार के मुख्य सचिव को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और उसकी जानकारी याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। हालांकि, यह निर्देश जांच के आदेश के समान नहीं है, बल्कि प्राप्त शिकायत पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

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अब हाईकोर्ट में होगी कानूनी लड़ाई

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब याचिकाकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा विकल्प हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह संबंधित हाईकोर्ट में जाकर CBI जांच या अन्य राहत की मांग कर सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अब इस मामले की अगली कानूनी लड़ाई पटना हाईकोर्ट में लड़ी जाएगी। वहां से जो भी आदेश आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

तेरहवीं से पहले बढ़ा माहौल, गिरफ्तारी की मांग तेज

भरत तिवारी की तेरहवीं को लेकर गांव और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की तैयारी चल रही है। इस बीच परिवार और समर्थकों ने कथित दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग और तेज कर दी है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय नहीं मिलेगा। ऐसे में यह मामला कानूनी लड़ाई के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी लगातार चर्चा में बना हुआ है।

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